अपहरण की कोशिश कर रहे बदमाशों के छक्के छुड़ाने वाली राजधानी की 15 वर्षीय बहादुर बिटिया अंशिका को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से नवाजा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से पुरस्कार लेने के साथ वह गणतंत्र दिवस परेड की शान भी बनेगी।
इंडियन काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर का पत्र आने के बाद अंशिका के परिवार में खुशी का माहौल है। मडियांव सीतापुर रोड निवासी शशिकांत पांडेय के घर पर राजधानी का नाम रोशन करने वाली बेटी को बधाई देने वालों का सिलसिला थम नहीं रहा है।
पुरस्कार पाने की जानकारी के बाद अमर उजाला से हुई बातचीत में हाईस्कूल छात्रा अंशिका ने इसे कभी न भूलने वाली खुशी बताया। उसने बताया कि 14 सितंबर 2015 को कैसे उसने हिम्मत जिसके लिए आज पूरा देश उसके जज्बे को सलाम कर रहा है।
मडियांव के भरतनगर इलाके में रहने वाली अंशिका ने बताया कि रोज की तरह उस दिन भी वह रामराम बैंक चौराहा के पास स्थित सेंट एंटोनी इंटर कॉलेज जाने के लिए सुबह सात बजे साइकिल से निकली थी।
बाल खींचकर मुंह दबाने की कोशिश
डेमो पिक
- फोटो : File Photo
घर से कुछ दूर पहुंचते ही एक सुनसान गली में खड़ी एक कार सवार बदमाशों ने पता पूछने के के बहाने उसे रोका और फिर धक्का देकर गिरा दिया। वह कुछ संभलती उसके पहले ही बदमाश उसे कार में खींचने लगे। एक बदमाश ने उसके बाल खींचते हुए मुंह दबाने की भी कोशिश की।
लेकिन उसने बदमाशों से भिड़ने की ठानी और मुंह दबाए बदमाश के हाथ पर जोरों से दांत गड़ा दिए। इससे घबराए दूसरे बदमाश ने कार में रखी तेजाब की बोतल निकाल कर उस पर फेंकने की कोशिश की जिसे अंशिका ने हाथ-पैर मार कर जमीन पर गिरा दिया।
इससे आपा खो चुके बदमाश ने चाकू से हमला किया, तो उसकी दाईं हथेली लहूलुहान हो गई। इसके बाद भी अंशिका ने बदमाशों की गिरफ्त से छूटने की कोशिश जारी रखी। तभी उसकी सहपाठी गरिमा पहुंच गई।
उसने अंशिका को घायल अवस्था में बदमाशों से भिड़ा देख मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। इससे घबराए बदमाश अंशिका को कार से बाहर धक्का देकर भाग निकले। गरिमा ने अंशिका के हाथ से बहते खून पर रुमाल बांधने के बाद किसी तरह उसे घर पहुंचाया।
दोस्त को मुसीबत में देख छोड़ दी परीक्षा
डेमो
अंशिका बताती है कि वह गरिमा के साथ ही स्कूल जाती थी। वह दोनों दुर्गा मंदिर के पास मिलते थे। घटना वाले दिन जब अंशिका तय समय पर दुर्गा मंदिर नहीं पहुंची तो गरिमा उसे ढूंढने निकली। उसके मौके पर पहुंचने से और मदद के लिए चिल्लाने से ही बदमाश अंशिका को ले जाने में सफल नहीं हो सके। यही नहीं अंशिका के हाथ में घाव को देख गरिमा ने मॉरल साइंस की परीक्षा भी छोड़ दी।
बिटिया ने फख्र से ऊंचा कर दिया सिर
पिता शशिकांत पांडेय की खुशी देखते ही बन रही है। वह बधाई देने आ रहे हर व्यक्ति का मुंह मीठा करा रहे हैं। उनका कहना है कि बिटिया ने पूरे परिवार का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है। बीकेटी के असनहा से क्षेत्र पंचायत सदस्य शशिकांत बताते हैं कि परिवार में पांच बच्चों में अंशिका सबसे छोटी है। शशिकांत मडियांव इलाके में विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) के रूप में भी लोगों की मदद करते हैं।
16 को दिल्ली पहुंचेगी अंशिका
प्रधानमंत्री के हाथ से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने के लिए अंशिका 16 जनवरी को दिल्ली पहुंचेगी। इंडियन काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर की तरफ से अंशिका के साथ उसके पिता को भी दिल्ली जाने और वापसी के लिए मुफ्त यात्रा के साथ दिल्ली में रहने व खानपान की सुविधा मिलेगी।