नगर आयुक्त ने कहा कि आवासीय समितियों को बताया गया कि नगर निगम अधिनियम के तहत टैक्स लगाया जा सकता है। यदि वे गृहकर नहीं देंगी तो देनदारी बढ़ती जाएगी। यह भी बताया गया कि जब टैक्स आएगा तो विकास के काम भी होंगे। आवासीय समितियों ने सवाल किया कि उनके टैक्स का पैसा कहां खर्च होगा तो उन्हें शिवरी प्लांट ले जाकर दिखाया गया। बताया गया कि कूड़े का पहाड़ कम किया जा रहा है। विकास के और काम भी बताए गए। यह भरोसा भी दिया गया कि नगर निगम जानकीपुरम विस्तार, गोमतीनगर विस्तार, शहीद पथ आदि पर आगे भी काम कराएगा।
अधिनियम के तहत लगाया जा रहा टैक्स
नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह का कहना है कि नगर निगम अधिनियम के तहत ही विस्तारित क्षेत्र की कॉलोनियों में गृहकर लगाया जा रहा है। आवासीय समितियों के सुझाव और आपत्ति दोनों को सुना गया। इसके बाद वे टैक्स देने के लिए राजी हैं।