एलडीए की गोमती नगर विस्तार योजना के सेक्टर छह के 16 भूखंडों की फाइलें एलडीए से गायब हैं। कम्प्यूटर में भी इनका कोई रिकार्ड नहीं है। एसटीएफ की ओर से की जा रही जांच के दौरान यह सामने आया है। जिसके बाद एलडीए ने मंगलवार को सार्वजनिक नोटिस जारी की है। जिसमें कहा है कि यदि किसी के पास संबंधित भूखंडों के स्वामित्व से संबधित दस्तावेज हैं तो वह एलडीए में दिखाए वरना एलडीए उनको खाली मानकर नीलाम कर देगा।
दो साल पहले एलडीए में 149 भूखंडों के फर्जी रजिस्ट्री और समायोजन का मामला सामने आया था। जिसकी जिसको लेकर एसटीएफ जांच कर रही है। उसकी ओर से एलडीए से भूखंडों से संंबंधित रिकार्ड मांगा गया है। जिसके बाद एलडीए में जांच हुई तो यह पता चला कि 16 भूखंडों की फाइल ही एलडीए के रिकार्ड में नहीं है। जांच में यह भी सामने आया है कि जिन भूखंडों की फाइलें नहीं हैं उनमें 14 पर बाउंड्री बनी हुई है और दो पर मकान बने है। जिसके बाद एलडीए ने भूखंडों को अपने कब्जे में लेने से पहले एक सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की है। जिसमें 16 भूखंडों के आवंटन और रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज आवंटियों से मांगे हैं। ट्रांसपोर्ट नगर योजना में एलडीए ऐसा कर चुका है।
एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव, अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा और उप सचिव अतुल कृष्ण सिंह की ओर से जारी नोटिस में भूखंड से संबंधित स्वामित्व के दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए 15 दिन का मौका दिया गया है। जिन भूखंडों को लेकर कोई दावेदार सामने नहीं आएगा उनको एलडीए खाली मानकर नीलाम कर देगा।
एलडीए रेट से ही आठ करोड़ से अधिक के हैं भूखंड
जिन 16 भूखंडों की फाइलें गायब हैं वह 150 वर्ग मीटर केहैं और इनका एलडीए में रेट 38000 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। ऐसे में एक भूखंड 50 लाख रुपये से अधिक कीमत है। हालांकि इस समय बाजार रेट करीब 50 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर चल रहा है। एलडीए के ही रेट के हिसाब से देखें तो करीब आठ करोड़ रुपये कीमत से अधिक के हैं।
सेक्टर छह के इन भूखंडों की फाइलें हैं गायब
डी-763,डी-767,डी-770, डी-779, डी-782, डी-796, डी-798, डी-834, डी-836, डी-842, डी-873, डी-771, डी-775, डी-776, 1/706 व 5/956
अपर सचिव एलडीए ज्ञानेंद्र वर्मा का कहना है कि यदि किसी के पास भूखंडों से संबंधित दस्तावेज हैं तो उसे 15 दिन में एलडीए में दिखाना होगा नहीं तो भूखंडों को नीलाम कर दिया जाएगा।