प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देेने के लिए ईको पर्यटन विकास बोर्ड का गठन किया जाएगा। वहीं, अयोध्या से वाराणसी तक सुसज्जित और आरामदायक बसें चलाई जाएंगी। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की ओर से पर्यटन विकास के लिए बुधवार को वन, आयुष और परिवहन विभाग के मंत्रियों के साथ आयोजित संयुक्त बैठक यह निर्णय लिया गया। बोर्ड बनने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि ईको पर्यटन की तरफ सैलानियों का ध्यान आकर्षित करने के साथ ही स्थलों का संरक्षण, संवर्द्धन एवं विकास के साथ ही रोजगार एवं राजस्व की नई संभावनाओं को तलाशा जाएगा। आयुष विभाग की ओर से पर्यटन विभाग के होटलों में एक पैकेज के तहत हेल्थ, वेलनेस और पंचकर्म की सुविधा दी जाएगी। पायलेट योजना के तहत पहले इसे लखनऊ में लागू करने का विचार है। प्रस्तावित बोर्ड के माध्यम से इको टूरिज्म स्थलों पर अवस्थापना सुविधाओं का विकास और बेहतर प्रबंधन किया जाएगा। मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, दुधवा तथा कतरनियाघाट में ईको टूरिज्म की व्यापक संभावनाएं हैं।
आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )दया शंकर मिश्र दयालु ने कहा कि वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए रोज करीब एक लाख लोग जाते हैं। इन्हें आस-पास के क्षेत्रों की ओर आकर्षित करने के लिए एयरपोर्ट तथा बस अड्डों बोर्ड लगाने चाहिए। प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने विल्ढम फाल मिर्जापुर के सौंदर्यीकरण तथा दर्शनीय स्थलों के सर्वेक्षण का सुझाव दिया। वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना ने वन विभाग के रिसोर्ट्स की बेहतर साज-सज्जा एवं सफारी टूरिज्म बढ़ाने का सुझाव दिया। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने अयोध्या से वाराणसी तक बस संचालित करने का प्रस्ताव रखा। बैठक में राज्यमंत्री वन केपी मलिक ने भी सुझाव दिए।