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लखनऊ : 650 से ज्यादा कोषागार लेखाकार होंगे पदावनत, गलत ढंग से पाया था प्रमोशन, रिकवरी का आदेश भी 

Thu, 28 Apr 2022 02:52 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/अजीत बिसारिया

सार

वर्ष 2005 से पहले कोषागार में लेखाकारों और सहायक लेखाकारों के पदों का अनुपात 80:20 मानते हुए पदोन्नति एवं दूसरे परिणामी लाभ देने का आदेश दिया गया था।
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विस्तार
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गलत ढंग से प्रमोशन पाने वाले प्रदेश भर के 650 से अधिक कोषागार लेखाकारों को पदावनत करने के आदेश दे दिए गए हैं। शासन ने इन्हें ज्यादा लिए गए वेतन की रिकवरी का आदेश भी दिया है। यह वसूली 65 करोड़ रुपये तक ही हो सकती है। 

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वर्ष 2005 से पहले कोषागार में लेखाकारों और सहायक लेखाकारों के पदों का अनुपात 80:20 मानते हुए पदोन्नति एवं दूसरे परिणामी लाभ देने का आदेश दिया गया था। सहायक लेखाकार सीधी भर्ती के पद हैं, जबकि लेखाकार के पद पदोन्नति से भरे जाते हैं। पूर्व के नियम के अनुसार इस काडर के प्रति 100 पदों पर 80 लेखाकार और 20 सहायक लेखाकार का प्रावधान किया गया। 13 सितंबर, 2005 के आदेश में इसे अनुचित माना गया, क्योंकि उच्च पद के सापेक्ष निम्न श्रेणी के पदों की संख्या ज्यादा रहनी चाहिए। 


वर्तमान में 2005 का यही शासनादेश प्रभावी है, लेकिन 2005 से पहली की व्यवस्था का अनुचित लाभ लेते हुए लगातार सहायक लेखाकारों को लेखाकार बनाया जाता रहा। उन्हें 4200 रुपये ग्रेड पे का लाभ दिया जाना चाहिए और वे 6600 रुपये ग्रेड पे का लाभ लेते रहे। इससे सरकारी राजस्व को बड़ा चूना लगा। अगस्त 2018 और जुलाई 2019 में शासनादेश के माध्यम से गलत ढंग से लेखाकार बने कार्मिकों को पदावनत करने और वसूली के आदेश दिए गए पर संबंधित फाइल को सांठगांठ से दबाए रखा गया।

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अब शासन के विशेष सचिव, वित्त प्रकाश बिंदु ने कोषागार निदेशालय से इनकी पदावनति के साथ रिकवरी के बारे में तत्काल रिपोर्ट मांगी है। 2 जनवरी, 2020 से पूर्व कोषागार कार्मिकों के नियुक्ति प्राधिकारी जिलाधिकारी होने के कारण पदावनति की कार्यवाही संबंधित जिलाधिकारियों को ही करनी है।

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