शासन का इरादा है कि विकास एजेंडे को हर हाल में इसी महीने जारी कर दिया जाए ताकि चुनाव के दौरान भी इस पर जरूरी काम होता रहे।
इसका खास फायदा यह होगा कि सरकार चुनाव में नए एजेंडे का भरपूर फायदा उठाएगी और लोगों से बात करने के लिए उसके पास मुद्दा होगा।
यही वजह है कि इसे अंतिम रूप देने का काम बहुत तेजी से चल रहा है।
सपा सरकार ने सत्ता संभालने के बाद साल भर में होने वाले विकास कार्यों व योजनाओं की प्राथमिकता का एक एजेंडा तय कर उस पर अमल की परंपरा शुरू की है।
फटाफट एजेंडा जारी करने की तैयारी
पिछले दो साल से कुछ हद तक इस पर काम भी हो रहा है। सरकार की कोशिश होती है कि यह एजेंडा नए वित्त वर्ष की शुरुआत के पहले ही जारी कर दिया जाए।
इसमें पिछले एजेंडे के अधूरे कार्यों के अलावा सरकार की नई प्राथमिकताएं भी जोड़ी जाती हैं। वित्त वर्ष 2013-14 के लिए मार्च 2013 के अंत में ही विकास एजेंडा जारी कर दिया गया था।
इस बार फरवरी के आखिर या मार्च के पहले सप्ताह तक चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की संभावना है। सरकार इस घोषणा के बाद नई योजनाओं का ऐलान या शुरुआत नहीं कर पाएगी।
शायद यही वजह है कि सरकार इस बार विकास एजेंडे को जितना जल्दी हो, तैयार कर जारी करने की कोशिश में जुटी हुई है।
अगले हफ्ते से शुरू होगा काम
शासन के कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग ने विभागों से एजेंडा प्राप्त कर इसे अंतिम रूप देने का काम शुरू कर दिया है। अधिकतर विभागों की प्राथमिकताएं आ चुकी हैं।
जहां से बाकी हैं वहां अधिकारी व्यक्तिगत संपर्क कर एजेंडे को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अगले एक सप्ताह में एजेंडे को फाइनल कर शासनादेश जारी करने की योजना है। इसके बाद विभाग इस पर काम शुरू कर देंगे।
ये रहीं परियोजनाएं
राजधानी में मेट्रो ट्रेन कुल 39 किलोमीटर चलेगी। इस परियोजना पर 12,500 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) ने इसके लिए सैद्धांतिक सहमति दे दी है। पहले चरण में 23 किमी. का काम शुरू होना है।
आईटी सिटी भी सरकार की अच्छी परियोजनाओं में से एक है। चक गजरिया फार्म पर बसने वाले आईटी सिटी में 50 एकड़ जमीन पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (ट्रिपल आई) का निर्माण होगा। इसके निर्माण पर कुल 110 करोड़ रुपये तथा अन्य कार्यों पर 18 करोड़ खर्च होंगे।
सरकार लखनऊ के गोमती नदी के किनारे हनुमान सेतु से नदवा कॉलेज तक 1.7 किमी. सौंदर्यीकरण का काम भी कराने वाली है। इस पर करीब 29 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम शहीद पद के किनारे 137 एकड़ में बनेगा। इसमें 70 एकड़ में स्टेडियम के साथ स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स होगा तथा 67 एकड़ जमीन पर रियल एस्टेट डवलपमेंट होगा। स्टेडियम के निर्माण पर 400 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।