लखनऊ। सीजी सिटी में एलडीए विदेशी प्रवासी पक्षियों के लिए नया पर्यावास केंद्र बनाएगा। इसके लिए कृत्रिम झील सहित करीब 37 एकड़ में वेटलैंड विकसित किया जाना है। इसका डिजाइन तैयार हो गया है। इस काम पर करीब 10.86 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव है। यह वेटलैंड इस तरह से विकसित किया जाएगा कि इंसानी मौजूदगी के असर को न्यूनतम करते हुए प्रवासी पक्षियों को अनुकूल माहौल दिया जा सके। इसके लिए वन विभाग के साथ विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने बताया कि अभी यहां पानी की निकासी नहीं होने से जलभराव हो जाता है। इसकी वजह से पिछले कुछ सालों में जंगलनुमा विकसित हो गया है। नदी किनारे की इस जमीन पर प्रवासी पक्षियों को भी अनुकूल माहौल मिलने लगा है। सीजी सिटी के विकास के समय इस जगह पर भी खराब असर पड़ा। ऐसे में इसे सुरक्षित बनाते हुए विकसित करने की जरूरत है। पिछले दिनों प्रमुख सचिव वित्त संजय कुमार और प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने भी यहां निरीक्षण कर इसकी जरूरत बताई थी। इसके बाद एक समिति का गठन वीसी अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में किया गया। इसमें डीएफओ डॉ. रवि कुमार रवि के अलावा कुछ विशेषज्ञों को भी रखा गया। वेटलैंड का डिजाइन अब तैयार हो गया है। शासन से अनुमति लेकर जल्दी ही इस पर काम शुरू करा दिया जाएगा।
क्रिकेट स्टेडियम के पास होगा प्रवेश द्वार
तैयार डिजाइन के मुताबिक एक नाले का निर्माण वेटलैंड के लिए आरक्षित जमीन पर होना है। यह नाला इस तरह तैयार किया जाएगा कि दोनों तरफ मौजूद झील में पूरे समय पानी रुका रहे। केवल सरप्लस हुआ पानी ही नाले से बाहर जाएगा। इसके लिए नाले की बाउंड्री को ऊंचा रखने की योजना है। यह नाला असल में चेकडैम की तरह काम करेगा। क्रिकेट स्टेडियम की तरफ से एक प्रवेश द्वार रहेगा। वहीं नदी और स्टेडियम की तरफ वॉच टॉवर और जनसुविधा परिसर रहेगा। आईआईआईटी की तरफ से पक्षियों को बिना परेशान किए फोटोग्राफी करने के लिए वाचिंग हट और व्यूइंग डेक भी बननी है। यहां आने वाले लोगों के लिए घूमने और साइकिल चलाने के लिए कच्चा रास्ता भी विकसित करने की योजना है। इसके लिए विशेषज्ञों की सहमति के बाद ही फैसला लिया जाएगा। वेटलैंड को सुरक्षित करने के लिए चारों तरफ रेलिंग लगाने का काम भी होगा। इसके साथ ही टहलने के लिए मिट्टी के रास्ते तैयार कर दिए जाएंगे।
फल व छायादार पेड़ भी लगाएंगे
एलडीए यहां पक्षियों की सुविधा के लिए बड़े आकार के छायादार और फलदार पेड़ लगाएगा। इनमें नीम, अर्जुन, पीपल के अलावा गूलर, जामुन, बेर, शहतूत, कदंब, पलास आदि के पेड़ शामिल हैं।