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लखनऊ : स्वदेशी के प्रचार-प्रसार में दिया योगदान, मिला सम्मान, चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थी भी पुरस्कृत

Thu, 28 Oct 2021 10:36 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

अमर उजाला व उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संपूर्ण स्वदेशी अभियान में चित्रकला प्रदर्शनी भी लगाई गई और इसके विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
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लखनऊ में डाली बाग खादी भवन में अमर उजाला द्वारा आयोजित संपूर्ण स्वदेशी सम्मान समारोह में लगी चित्रकला प्रदर्शनी को देखते नवनीत सहगल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला व उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे संपूर्ण स्वदेशी अभियान 2021 का बृहस्पतिवार को समापन हुआ। इस मौके पर चित्रकला प्रदर्शनी भी लगाई गई और इसके विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। पिछले तीन वर्षों से आयोजित किए जा रहे अभियान के तहत पहली बार स्वदेशी का प्रचार-प्रसार करने वालों को भी सम्मानित किया गया। इनमें उद्यमी, वैज्ञानिक, कृषक व स्वयं सहायता समूह शामिल रहे।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अपर मुख्य सचिव व मुख्य कार्यपालक अधिकारी नवनीत सहगल रहे। चित्रकला प्रतियोगिता व प्रदर्शनी के विजेताओं का चयन निर्णायकों में शामिल चेयरमैन एआईडीईएफ व सीनियर आर्टिस्ट गिरीश तिवारी और सीनियर आर्टिस्ट व एक्टिविटी एक्सपर्ट सपना शर्मा ने किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार रहीस सिंह, ग्रामोद्योग बोर्ड के एसीईओ एसके कक्कड़ समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संपूर्ण स्वदेशी अभियान स्कूली बच्चों व समाज के लोगों में स्वदेशी की अलख जगाने, जागरूकता बढ़ाने के मकसद से पूरे उत्तर प्रदेश में आयोजित किया जाता है।

अभियान का मकसद, जन-जन तक स्वदेशी को पहुंचाना
मुख्य अतिथि नवनीत सहगल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अमर उजाला के साथ उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के इस अभियान का मकसद जन-जन तक स्वदेशी को पहुंचाना है। चाहे बात आर्थिक आत्मनिर्भरता की हो या फिर देश प्रेम की, स्वदेशी दोनों उद्देश्यों को पूरा करता है।
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चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता
मंडल में इन्होंने मारी बाजी
प्रथम : आदित्य पाटिल, सेंट जेवियर सीनियर सेकंडरी स्कूल, बलरामपुर
द्वितीय : संगम यादव, कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड एजुकेशन
तृतीय : रुपाली गौतम, न्यू स्टैंडर्ड बालिका विद्या मंदिर, रायबरेली

स्कूल में इन्होंने मारी बाजी
प्रथम : वैष्णवी गुप्ता, एसपी इंटर कॉलेज
द्वितीय : कार्तिकेय अवस्थी, केंद्रीय विद्यालय एसजीपीजीआई, लखनऊ
तृतीय : दिव्यांशु यादव, आरडी मेमोरियल इंटर कॉलेज

इनको मिला सम्मान
1- सद्भावना स्वयं सहायता समूह, बाराबंकी के चयनपुरवा गांव की अध्यक्ष सुंदारा : दीये बनाकर अपने इलाके में बदलाव लाने की मिसाल बनी हैं।
2- लखनऊ  की प्रतिभा सिंह : इन्होंने सुल्तानपुर में वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा दिया। अगरबत्ती, खाद्य प्रसंस्करण समेत महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रही हैं।
3-मंचकृति की रेखा सिन्हा : विगत दस सालों से मूंज कला को संरक्षण देने, महिलाओं के परंपरागत हुनर को बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करना जैसे कामों से जुड़ी हैं।
4-ज्योत्सना कौर हबीबुल्लाह : एक सामाजिक उद्यमी, लखनऊ फार्मर्स मार्केट की संस्थापक। इस मंच के जरिये देसी उत्पाद व उत्पादकों को बाजार देने में मदद कर रही हैं। इसके अलावा सैदपुर में महिला कारीगरों की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए काम कर रही हैं।
5-सुमन देवी तिवारी : प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत जिला उद्योग केन्द्र से मदद पाकर डेरी क्वीन आइसक्रीम बनाने की फैक्ट्री लगाई। सभी उत्पाद व मशीनें स्वदेश निर्मित ही इस्तेमाल करती हैं।
6- आलोक अवस्थी : कटहल को एक नई पहचान दी और 26 प्रकार के कटहल के व्यंजन का स्वाद आम आदमी को चखाते हैं।
7- दीपक जोशी : जैविक उत्पाद की पहुंच सामान्य जन तक पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं।
8-गिरजा शंकर मौर्य : मलिहाबाद निवासी गिरजा शंकर चार साल से गो आधारित प्राकृतिक खेती के लिए काम कर रहे हैं।
9-राधिका हलवासिया : उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद लखनऊ लौटीं और स्थानीय कुम्हार कलाकारों को बढ़ावा दिया, एक जैविक विचार आधारित रेस्टोरेंट की नींव रखी। सभी जैविक व प्राकृतिक पदार्थों को इस्तेमाल करती हैं।
10-डॉक्टर नितिन : एक वैज्ञानिक से उद्यमी बनें और शहद के कारोबार की नींव रखी। खुद मधुमक्खी पालन से जुड़े हैं और दूसरों को उद्यमी बनाने के लिए तैयार कर रहे हैं। 

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