मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इमरजेंसी कोविड रिलीफ पैकेज के रूप में मिली धनराशि से प्रदेश में हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सीएचसी स्तर के अस्पतालों में बेडों की संख्या 30 से 50 और पीएचसी में 4 से 10 की जा रही है। अस्पताल की अन्य सुविधाओं में भी विस्तार किया जा रहा है। वह बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रहे मुख्यमंत्रियों के संवाद के दौरान संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ट्रैक, टेस्ट, ट्रीट और टीकाकरण की नीति के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश में कोविड महामारी पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना के 1,384 एक्टिव केस हैं। इसमें से गाजियाबाद में 298 और गौतमबुद्धनगर में 697 एक्टिव केस हैं। वहीं, महज 19 संक्रमित अस्पताल में भर्ती हैं। ये पहले ही विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं। प्रदेश सरकार इनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रही है।
उन्होंने कहा कि गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में कोविड संक्रमण के मामले में वृद्धि के मद्देजनर इन दोनों जिलों के साथ ही लखनऊ में फेस मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। अन्य जिलों में स्थिति सामान्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भविष्य की चुनौतियों के मद्देनजर सभी जरूरी इंतजाम भी कर रही है। प्रदेश में 508 ऑक्सीजन प्लांट चल रहे हैं। 42 हजार से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड की चुनौतियों के बीच प्रदेश के राजस्व में लगभग 25 प्रतिशत और निर्यात में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
प्रदेश में प्रति दस लाख में महज छह कोरोना संक्रमित
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रति मिलियन कोविड संक्त्रस्मण मामलों की संख्या मात्र छह है। प्रदेश में प्रति दिन लगभग डेढ़ लाख कोविड टेस्ट हो रहे हैं और पॉजिटिव पाए जा रहे लोगों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जा रही है। अब तक के सभी परिणामों में ओमिक्रॉन अथवा इसके सब वैरिएंट होने की ही पुष्टि हुई है। प्रदेश में अब तक 11 करोड़ से अधिक कोविड टेस्ट किए गए हैं जबकि कोविड टीके की 31 करोड़ 24 लाख डोज लगाई जा चुकी हैं।