मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह अपने आवास पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर लोगों का भरोसा जीतने की जिम्मेदारी स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्रियों और राज्यमंत्रियों को सौंपी है। साथ ही विधायक नंदकिशोर गुर्जर मामले का हवाला देते हुए राज्यमंत्रियों को प्रभार वाले जिलों के अलावा अन्य जिलों में जाने और विधायकों, कार्यकर्ताओं तथा कोर ग्रुप की टीम के साथ बैठकर बातचीत करने तथा उनकी समस्याएं समझकर समाधान की जिम्मेदारी भी सौंपी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग इस कानून को लेकर भ्रम फैला रहे हैं और लोगों को भड़का रहे हैं। इसलिए मंत्री के नाते जिलों में दौरे के दौरान इस मुद्दे पर सही तथ्य जनता को बताएं। अधिकारियों को भी लोगों को समझाने की जिम्मेदारी सौंपें। साथ ही निगरानी भी करें कि अधिकारी इस मुद्दे पर अपनी भूमिका का ठीक तरह से निर्वाह कर रहे हैं या नहीं।
वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यकर्ताओं और विधायकों तथा अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच किसी विवाद की जानकारी हमें मीडिया के जरिये नहीं, बल्कि आपसे मिलनी चाहिए। विधायकों व कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए हमारे दरवाजे लगातार खुले हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रभार वाले जिलों के साथ अन्य जिलों का भी लगातार दौरा करें और समाज के सभी वर्गों के बुद्धिजीवियों के साथ संवाद कर उन्हें बताएं कि इस कानून का देश में पहले से रह रहे लोगों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कानून में किसी की नागरिकता छीनने का प्रावधान नहीं है। इसलिए जो मुसलमान देश के नागरिक हैं, उन्हें अपनी नागरिकता को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। जो लोग मुसलमानों को इस कानून से खतरा बता रहे हैं, वे गलत तथ्य रख रहे हैं।
पूछा, काम का बंटवारा हुआ या नहीं
मुख्यमंत्री ने राज्यमंत्रियों से खास तौर से यह जानकारी ली कि उनके कैबिनेट मंत्रियों ने उन्हें काम सौंपा या नहीं। कुछ ने बताया कि काम मिल गया है तो कुछ ने इनकार किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें जल्द काम दिलाने का वादा किया। उन्होंने राज्यमंत्रियों से विभागीय काम की भी जानकारी ली और उनकी समस्याओं को भी समझा। योगी ने मंत्रियों को ताकीद की कि आचरण व व्यवहार और मर्यादा का ध्यान रखें। जिलों के दौरे पर जाएं तो किसी के घर या होटल के बजाय सरकारी गेस्ट हाउस या निरीक्षण गृहों में ही रुकें।