मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की एमडी रिया केजरीवाल ने चार नवंबर को किया था निरीक्षण, पाई थीं 12 कमियां
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की एमडी रिया केजरीवाल ने गत चार नवंबर को उन्नाव जनपद की बिजली व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान जो लापरवाही देखी उस पर पांच इंजीनियरों पर कार्रवाई की है। खासकर उन्नाव के पुरवा एसडीओ अनिल कुमार वर्मा एवं पुरवा उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर संतोष कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। निलंबित एसडीओ एवं जेई को बरेली के प्रथम जोन में संबद्ध किया गया है।
मध्यांचल निगम की प्रवक्ता के मुताबिक एमडी ने जिन पर कार्रवाई की, उनमें एक-एक जेई, एसडीओ और तीन अधिशासी अभियंता शामिल हैं। एमडी ने निरीक्षण में 12 कमियों को सूचीबद्ध किया, जिसमें सबसे ज्यादा लापरवाही पुरवा के अधिशासी अभियंता विष्णु दयाल यादव, जेई संतोष कुमार श्रीवास्तव, एसडीओ अनिल कुमार वर्मा की उजागर हुई थी। इन इंजीनियरों ने अभियान के दौरान लाइन एवं ट्रांसफार्मर का मेंटेनेंस तक नहीं कराया। जर्जर लाइन, एबीसी एवं पेटी देखकर एमडी दंग रह गईं।
इनको कारण बताओ नोटिस
एमडी ने पुरवा खंड के अधिशासी अभियंता विष्णु दयाल यादव एवं मगरवारा उन्नाव के अधिशासी अभियंता भरत एवं रायबरेली के एक अन्य अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब तलब किया गया है। प्रबंधन का मानना कि अधिशासी अभियंताओं ने अपने-अपने क्षेत्र में समय से मौका मुआयना किया होता तो जो कमियां एमडी ने खुद देखी, शायद वह देखने को नहीं मिलती।
सुरक्षा तंत्र के बिना चल रहे थे ट्रांसफार्मर
एमडी की ओर से जारी निलंबन आदेश में जेई एवं एसडीओ पर 12 तरह की कमियां थोपी गई, जिसकी वजह उनकी लापरवाही थी। आश्चर्य की बात यह कि 400 केवीए का ट्रांसफार्मर बिना सुरक्षा तंत्र यानी अर्थिंग के चालू पाए गए। यहीं नहीं ट्रांसफार्मर की पेटी की जर्जर हालत देखकर एमडी सभी जिम्मेदारों पर नाराज हुईं। जेई, एसडीओ एवं एक्सईएन की लापरवाही का आलम यह कि पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल के आदेश पर महज 12 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के परिसरों पर लगाए गए।