डीजल शेड से तेल टैंकर को पार करने वाला मुख्य आरोपी सीएलआई बीएस मीणा दस दिन बाद आरपीएफ के हत्थे चढ़ गया। उसके पास से तेल चोरी के 3,10,000 रुपये बरामद किए गए हैं। उसकी शिनाख्त पर सहयोगी सीएलआई चंद्रप्रकाश को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के पास से करीब एक लाख रुपये बरामद किया गया है। जल्द ही बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
दरअसल, बीती 28 जुलाई को उत्तर रेलवे के आलमबाग स्थित डीजल शेड में इंडियन ऑयल डिपो अमौसी से आने वाले दो डीजल टैंकरों में से एक टैंकर को चीफ लोको इंस्पेक्टर बीएस मीणा ने पार कर दिया। उसने कागजों में दो टैंकरों की आमद दर्ज की, जबकि आरपीएफ ने सिर्फ टैंकर का ही गेटपास बनाया और सीसीटीवी में भी एक टैंकर के आने की ही पुष्टि हुई।
मामले को अमर उजाला के लखनऊ संस्करण में माई सिटी के फ्रंट पेज पर ‘रेलवे में पकड़ी गई बड़ी डीजल चोरी’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। जिसके बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद लगातार अमर उजाला ने मुद्दे को उठाए रखा। जांच की गतिविधियों से लेकर रिकॉर्डों के मिलान तक की खबरों को प्रकाशित किया। जिस पर रेलवे बोर्ड से लेकर उत्तर रेलवे मुख्यालय तक ने जांच को तेज कर जल्द से जल्द मुख्य आरोपी बीएस मीणा को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में रविवार को आरपीएफ ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ की जा रही है। उसकी शिनाख्त पर शेड के सीएलआई चंद्रप्रकाश को भी गिरफ्तार किया गया है, जो तेल चोरी में शामिल था।
कोर्ट में सरेंडर करने की थी तैयारी
डीजल चोरी का मुख्य आरोपी बीएस मीणा कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी कर रहा था। उसने अपना मोबाइल बंद कर रखा था। उसके परिजनों के नंबरों को आरपीएफ ने सर्विलांस पर लगा रखा था। रविवार को वह अपने एक परिजन के साथ वकील से मिलने के लिए जा रहा था। इसी बीच आरपीएफ ने उसे दबोच लिया। उसने कोर्ट में एप्लीकेशन डाल दी थी।
अभी तक हुईं 7 गिरफ्तारियां
आरपीएफ ने डीजल टैंकर चोरी का मामला दर्ज कर तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। पहले दिन टीम ने खलासी दिलनवाज को गिरफ्तार किया और उसके पास से बीस हजार रुपये बरामद किए। जिसके बाद ड्राइवर नीरज सिंह व क्लीनर अभिमान सिंह तथा ट्रक संचालक एवं कमलेश गुप्ता को गिरफ्तार किया। जोकि चोरी का तेल खरीदता था। इसी क्रम में सीएलआई बीएस मीणा और चंद्रप्रकाश सहित कुल सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
शिनाख्त पर धरा गया सीएलआई
चीफ लोको पायलट बीएस मीणा ने पूछताछ में बताया कि उसका सहयोगी सीएलआई चंद्रप्रकाश भी तेल चोरी में शमिल है। डीजल टैंकर चोरी से हुई कमाई में उसका भी सहयोग था। जिसके एवज में उसे हिस्से के रूप में 1,65,000 रुपये दिए गए थे। आरपीएफ ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से तेल चोरी के 1,05,000 रुपये भी बरामद किए गए हैं।
‘चोर’ को ही सौंप दी थी जिम्मेदारी, सस्पेंड
डीजल शेड में टैंकर पार करने के बाद सीएलआई बीएस मीणा फरार हो गया था। जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने उसकी जगह दूसरे सीएलआई चंद्रप्रकाश को जिम्मेदारी सौंप दी थी। चोर को ही डीजल की रखवाली की जिम्मेदारी सौंपने पर सवालिाय निशान लग रहे थे। अब जब उसकी मिलीभगत उजागर हुई है तो रेलवे ने तत्काल प्रभाव से उसे सस्पेंड कर दिया है।
डीजल तेल टैंकर पार करने वाले मुख्य आरोपी बीएस मीणा को आरपीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी शिनाख्त पर सीएलआई चंद्रप्रकाश को भी गिरफ्तार किया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
-संजय त्रिपाठी, डीआरएम, उत्तर रेलवे