पुलिस ने आरोपी मोनू को हिरासत में ले लिया
रामदेव ने विरोध किया तो आरोपी मारपीट पर उतारू हो गए। इस बीच मोनू रावत ने पास में पड़ी बल्ली उठाकर रामदेव के चेहरे, सीने व सिर पर वार कर दिया। हमले में रामदेव खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़े। खबर पाकर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल रामदेव को इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनको देखते ही मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर गोमतीनगर विस्तार सुधीर अवस्थी ने बताया कि रामदेव की पत्नी सुनीता देवी की तहरीर पर मोनू व सीमा के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी मोनू को हिरासत में ले लिया है।
बेटे देवेश पर भी किया हमले का प्रयास
पुलिस को दी गई तहरीर में सुनीता ने इस बात का भी आरोप लगाया है कि पति रामदेव पर हमले की खबर पाकर बेटा देवेश भागते हुए मौके पर पहुंचा तो आरोपी उनके पति को बेरहमी से पीट रहे थे। देवेश को देखते ही मोनू व उसकी पत्नी सीमा ने देवेश पर हमले का प्रयास किया पर लोगों ने किसी तरह बीच में पड़कर उसको बचा लिया। वारदात के बाद आरोपी वहां से भाग गए।
अक्सर देता था जान से मारने की धमकी
बेटे जितेश के मुताबिक चाचा मोनू की नियत उसकी संपत्ति पर थी। बंटवारे में मिली जमीन को वो पहले बेच कर खा गए है। अब मोनू उनके मकान में भी हिस्सा मांग रहे है। इसको लेकर अक्सर शराब के नशे में वो विवाद करता था। तीन दिनों से इलाके में सबसे बोल रहा था कि रामदेव को मार देंगे। और अकेला पाकर हत्या कर दी।
अब कौन देखेगा बेटी के लिए रिश्ता
रामदेव के परिवार में पत्नी सुनीता, दो बेटी पुष्पा ,रीना, दो बेटे जितेश व देवेश हैं। परिजनों ने बताया कि रामदेव बड़ी बेटी पुष्पा की शादी के लिए रिश्ता देख रहे थे। कुछ जगह बातचीत भी की थी। रामदेव की हत्या के बाद पत्नी सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना था कि अब बेटी की शादी के लिए कौन रिश्ता देखगा।