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लखनऊ: मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर मेडिकल कॉलेजों में आंदोलन शुरू, एमबीबीएस इंटर्न ने निकाला कैंडल मार्च

Wed, 24 Jul 2024 09:29 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Medical colleges:  प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों एवं मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस इंटर्न मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिए हैं। 
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एमबीबीएस इंटर्न ने निकाला कैंडल मार्च। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों एवं मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस इंटर्न मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू हो गया है। बुधवार को केजीएमयू, लोहिया संस्थान सहित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में कैंडल मार्च निकाला। चेतावनी दी कि उनका मानदेय 12 हजार रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 30 हजार रुपये नहीं किया गया तो कार्य से विरत रहकर प्रदर्शन करेंगे। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में करीब 3800 से अधिक एमबीबीएस इंटर्न सेवाएं दे रहे हैं।

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प्रदेश में केजीएमयू, लोहिया संस्थान, जिम्स ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के अलावा विभिन्न जिलों में चल रहे राजकीय एवं स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेजों में साढ़े चार साल एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद एक साल इंटर्नशिप करनी होती है। इस वर्ष इन सभी छात्रों को काउंसिलिंग के जरिए अलग- अलग मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है। इंटर्न छात्रों को 12 हजार रुपया प्रति माह मानदेय मिलता है। ये छात्र मानदेय बढ़ाने के लिए आंदोलन शुरू कर दिए हैं। बुधवार को सभी मेडिकल कॉलेजों में कैंडल मार्च निकाला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को भेजे ज्ञापन में मांग की है कि अन्य प्रदेश की तरह ही उन्हें भी मानदेय दिया जाए। वे दिनभर अस्पताल में सेवाएं देते हैं। मरीज देखभाल, ऑपरेशन में मदद, ओपीडी संचालन सहित सभी तरह के कार्य करते हैं। ऐसे में उनका मानदेय बढाया जाए।

किन राज्यों में कितना मानदेय
उत्तर प्रदेश के इंटर्न को 12 हजार रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाता है। जबकि बीएचयू, एएमयू सहित सेंट्रल मेडिकल कॉलेजों में 26300, कर्नाटक में 32 हजार, असर में 30 हजार, पश्चिम बंगाल में 28 हजार रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाता है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
मेडिकल छात्रों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। वे आंदोलन के बजाय मरीजों की सेवा में लग कर अपना कर्तव्य निभाएं। मानदेय का मामला देखवाया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अन्य राज्यों की स्थिति का मूल्यांकन कर लें। हर संभव मदद की जाएगी।- ब्रजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री

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