लखनऊ में कृष्णानगर इलाके में रहने वाले युवक के अपहरण की सूचना पर पुलिस परेशान हो गई। परिजनों ने अपहरण की तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। युवक की लोकेशन पहले कानपुर फिर उन्नाव के दही इलाके में यूपीएसआईडीसी के खंडर हुए भवन के करीब मिला। पुलिस टीम ने शुक्रवार को उसे सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि युवक ने ऑन लाइन कंपनियों से लोन करा रखा था। जिसे चुकाने के लिए घर वालों से ही फिरौती मांगने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक कृष्णानगर आलोक कुमार राय के मुताबिक मूलरूप से कानपुर के जूही इलाके में रहने वाला रमेश रविखंड बंगला बाजार में रहता है। वह संदिग्ध हालात में लापता हो गया। युवक के बहनोई प्रशांत विश्वकर्मा ने थाने में अपहरण की तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद युवक की तलाश शुरू की।
एक लाख रुपये फिरौती के लिए भेजा मैसेज
प्रभारी निरीक्षक आलोक राय के मुताबिक पुलिस टीम ने सर्विलांस के जरिए युवक के लोकेशन निकालनी शुरू की। पुलिस को अपहरण हुए युवक के परिजनों ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया कि एक लाख रुपये दे दो नहीं तो हत्या कर दी जाएगी। कल रात में उसका लोकेशन कानपुर में मिला था। इसके बाद पुलिस की एक टीम सुबह रवाना हुई। लेकिन सुबह युवक का लोकेशन उन्नाव के दही थानाक्षेत्र स्थित यूपीएसआईडीसी के खंडहर भवन के पास मिला। पुलिस टीम जब वहां पहुंची तो अपहरण हुआ युवक भवन के पास के बबूल के जंगल के बीच लेटा हुआ मिला। पुलिस उसे लेकर कृष्णानगर थाने पहुंची। वहां पूछताछ की तो युवक ने अपहरण की झूठी कहानी रचने की बात कही।
कानपुर के घंटाघर में खड़ी की बाइक
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में अपहरण हुए युवक रमेश ने बताया कि उसने कई ऑन लाइन कंपनियों से करीब 35 हजार रुपये का लोन लिया है। लोन की रकम चुकाने केलिए कंपनियां लगातार फोन कर रही थी। उसके पास रुपये नहीं थे। इसीलिए उसने अपहरण की कहानी बनाई। बाइक से कानपुर गया। वहां घंटाघर पहुंचा। जहां पर अपनी बाइक खड़ी की। वहीं उसने अपनी बहन के मोबाइल पर मैसेज भेजा। जिसमें एक लाख रुपये फिरौती मांगी थी। इसके बाद बस से उन्नाव पहुंचा। जहां यूपीएसआईडीसी के भवन के पास जंगल में पहुंच गया। यह मैसेज अपने ही मोबाइल से भेजा था।
पुलिस ने चोट के बारे में पूछताछ की तो उसने कहा बबूल के जंगल में पहुंचने के बाद पेड़ से खुद को कई बार रगड़ा, यहीं नहीं अपने चेहरे पर कई बार घूंसे से वार किया। जिसकी तस्वीरें भी अपनी बहन के मोबाइल पर भेजी थी। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने बताया कि रमेश बुधवार रात स्टेशन रोड स्थित सीएमएस में काम करने गये थे। बृहस्पतिवार को कानपुर रोड स्थित एलडीए कालोनी के सीएमएस में ड्यूटी थी। वहीं से वह गायब हुआ था। फिलहाल पुलिस इस मामले में अभी जांच कर रही है।