मिनी व अल्ट्रॉमिनी पर्क तकनीक से एक ही छेद से गुर्दे की पथरी को निकालना संभव हो गया है। इससे मरीज को दर्द कम होता है, सर्जरी के दौरान खून कम बहता है और इलाज के बाद अस्पताल से भी छुट्टी जल्दी मिल जाती है।
वो भी बहुत खर्च में। रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में इस तकनीक से तीन मरीजों की सर्जरी चिकित्सकों को लाइव दिखाई गई।
डॉ. लोहिया इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. दीपक मालवीय और यूरोलॉजी विभाग के हेड डॉ. ईश्वर राम धयाल ने बताया कि 5 मिलीमीटर से छोटी पथरी को दवाएं देकर कम करने का प्रयास किया जाता है।
जबकि मिनी पर्क विधि से 5 मिलीमीटर से लेकर 25 मिलीमीटर की तक की पथरी को निकाला जा सकता है। इससे बड़ी पथरी के लिए दूरबीन विधि का प्रयोग करना पड़ता है।