पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को देर शाम हो जाने के कारण शव काे मॉर्च्युरी में ही रखा गया था। बुधवार सुबह परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शव लेकर रवाना हुए। शव को घर लाते ही कोहराम मच गया। परिजनों के चीत्कार से पूरी कॉलोनी के लोगों की आंखों में आंसू आ गए। मानवेंद्र की मां बार-बार बेसुध हो जा रही थीं। परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला।
पुलिस ने बेटी से भी की पूछताछ, बोलने से कतराती रही
आशियाना पुलिस ने मानवेंद्र की बेटी कृति से भी पूछताछ की। कृति ने पुलिस के किसी भी सवाल का साफ जवाब नहीं दिया। वह हर सवाल पर चुप्पी साधे रही। इंस्पेक्टर छत्रपाल सिंह का कहना है कि नियमों का पालन करते हुए किशोरी से बात की गई थी। किशोरी की कोई भूमिका सामने नहीं आई है।
जेल में अजीब हरकतें करता रहा अक्षत, भर्ती
बुधवार शाम को अक्षत को जिला कारागार भेज दिया गया। जेल पहुंचने के बाद अक्षत अजीब हरकतें करता रहा। वह बार-बार बोल रहा था कि गिर जाऊंगा। पापा ने मुझे मारा तो मैंने उन्हें मार दिया। अक्षत की हरकतों को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया। अक्षत को डॉक्टरों की निगरानी में जेल में रखा गया है। आरोपी की काउंसिलिंग भी की जा रही है।
भतीजे ने दी मुखाग्ननी।
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