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बीकॉम के छात्र ने नकली पिस्टल से की लूट की कोशिश

Thu, 09 Feb 2017 02:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो प‌िक
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लखनऊ चौक के सराय माली खां में सोमवार को सराफा कारीगर पर पिस्टल तानकर सोने के जेवरों से भरा बैग छीनकर भागे बदमाश को इलाकाई लोगों ने घेरकर दबोच लिया। बदमाश की पहचान गाजीपुर निवासी बीकॉम छात्र अनूप राय के रूप में हुई। 
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उसके पास से मिली पिस्टल नकली थी। इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि अनूप यहां पीजीआई क्षेत्र में फुफेरे भाई प्रवीण राय के साथ रहकर बैंकिंग की तैयारी कर रहा था। उसने किसी से परिचित से 30 हजार रुपये उधार लिए थे। 

यह रकम चुकाने के लिए ही उसने जेवर लूटने की कोशिश की। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। भीड़ भरे इलाके में हुई वारदात को पुलिस दबाए क्यों बैठी रही? यह भी किसी के गले से नहीं उतर रहा। उधर, छात्र के भाई प्रवीण ने इस मामले में कुछ गड़बड़ होने की आशंका जताई है।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि सराय माली खां निवासी सराफा कारीगर उत्तम माइती सोमवार दोपहर बैग में सोने की झुमकी व झाले लेकर दुकान पर देने जा रहा था। काली मंदिर के पास बदमाश ने बैग पर झपट्टा मारा। उत्तम ने शोर मचाया तो बदमाश ने पिस्टल निकालकर तान दी। 

हालांकि, उन्होंने बैग नहीं छोड़ा। इस बीच शोरगुल मचने पर आसपास के व्यापारी आ गए। उत्तम का भाई पियूष माइती भी आ गया। बदमाश बैग लेकर भागा तो भीड़ ने खदेड़कर खुनखुनजी स्कूल के पास घेर लिया। 
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पीटकर ‌क‌िया पुल‌िस के हवाले

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बदमाश ने पिस्टल लहराते हुए गोली मारने की धमकी दी। भीड़ ने उसे दबोचकर पिस्टल छीनी तो पता चला कि वह खिलौना पिस्टल थी। उसकी पिटाई के बाद पुलिस को सौंप दिया गया। बदमाश ने बताया कि उसके पिता एक स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। वह बैंकिंग की तैयारी कर रहा है। 

कुछ दिन पहले एक परिचित से 30 हजार रुपये लिए थे जो खर्च हो गए। इसी रकम को चुकता करने के लिए उसने जेवर लूटने की साजिश रची थी। पुलिस को अनूप के पास से खिलौना पिस्टल के अलावा तमंचा, दो कारतूस व एक चाकू मिला है। मंगलवार सुबह पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।

लूटा गया सोना क्यों नहीं कराया जमा
पुलिस का कहना है कि अनूप को सोना लूटकर भागते हुए लोगों ने पकड़ा था लेकिन सोना कितना था? यह नहीं बता सके। सराफा कारीगर का कहना है कि सोना करीब सौ ग्राम था जबकि अन्य कारोबारी जेवरों का वजन चार सौ से पांच सौ ग्राम बता रहे हैं। लूट का माल पुलिस ने अपनी सुपुर्दगी में क्यों नहीं लिया? इस पर भी रहस्य बना हुआ है। 
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