ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को मुंबई ले गई पुलिस
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मुंबई से अपहृत सात साल के बच्चे को बुधवार को मुंबई पुलिस ने कैंट रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक होटल के पास से मुक्त करा लिया। गाजीपुर जिले के सैदपुर क्षेत्र का मीरपुर तिरवा गांव निवासी अपहर्ता किशन कुमार को पकड़ लिया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से दो दिन का ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद पुलिस किशन को मुंबई ले गई। किशन ने बच्चे के पिता से 15 लाख की फिरौती मांगी थी। उधर सिगरा पुलिस को इस कार्रवाई की भनक तक नहीं लगी। सिगरा इंस्पेक्टर ने बताया कि उन्हें कोई खास जानकारी नहीं है।
मुंबई के कुर्ला स्थित साबले नगर चाल निवासी मोहम्मद हुमायूं शेख उमर ने नेहरू नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उनका बेटा फुरकान दो फरवरी से लापता है।
तीन फरवरी को मोबाइल पर फिरौती के लिए फोन आया। रकम न देने पर बच्चे को मार देने की धमकी दी गई। सर्विलांस के जरिए मुंबई पुलिस को पता चला कि बच्चे को लेकर अपहर्ता वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन के सामने रह रहा है।
अपहर्ता ने भी फुरकान के पिता से कैंट रेलवे स्टेशन के समीप रुपये लेकर आने को कहा था। मंगलवार को फुरकान के पिता और मुंबई पुलिस वाराणसी पहुंचे।
जल्द अमीर बनने की चाहत में किया अपहरण
निकाला रूट मार्च
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अपहर्ता ने फुरकान के पिता को बुधवार सुबह स्टेशन के समीप बुलाया।
मुंबई पुलिस के जवान सादे कपड़े में होटल के आसपास तैनात थे। अपहर्ता के साथ फुरकान दिखा तो पिता ने आवाज लगाई। इसी बीच मुंबई पुलिस के जवानों ने दौड़कर अपहर्ता को दबोच लिया।
आरोपी किशन ने बताया कि उसने होटल में फुरकान को अपना बेटा बताया था।
उसके उपचार की बात कहकर ठहरा था। उसने बच्चे को धमका रखा था कि यदि वह रोएगा या किसी से कुछ कहेगा तो वह मार डालेगा। उसने बताया कि मुंबई कमाने के लिए गया था। कामकाज नहीं मिला तो जल्दी अमीर बनने के लिए अपहरण किया।