पुलिसकर्मी बनकर दो लुटेरों ने रानी से उतरवाए जेवर
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लखनऊ में खुद को पुलिसकर्मी बताकर महिलाओं के जेवर उड़ाने वाले टप्पेबाजों ने बीते 24 घंटे में तीन वारदातें कर हड़कंप मचा दिया। मड़ियांव में टप्पेबाजों ने एसटीएफ बताकर वृद्धा के सोने के कड़े और गले की चेन उतरवा ली। पीड़िता शिकायत लेकर थाने गई तो कार्रवाई के बजाए पुलिसकर्मी उन्हें ही डराने-धमकाने लगे।
सुबह से रात 10 बजे तक उन्हें थाना में बैठाए रखा और फिर टरका दिया। इसके अलावा गुडंबा में कथित पुलिसकर्मियों ने चुनाव का भय दिखाकर चार चूड़ी, एक चेन और दो अंगूठी डकार लीं जबकि पीजीआई में तेलीबाग पुलिस चौकी के पास टप्पेबाज लूट और हत्या का खौफ दिखा वृद्धा की मंगलसूत्र व अंगूठी उड़ा ले गए। पुलिस टप्पेबाजों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
पीजीआई थानाक्षेत्र में तेलीबाग पुलिस चौकी के पास गोपालनगर निवासी वृद्धा रानी के जेवर टप्पेबाजों ने उतरवा लिए। पीड़िता ने बताया कि वह क्लीनिक से दवा लेकर लौट रही थीं तभी पुलिस चौकी के पास दो बाइक से दो बदमाश आए और उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने कहा कि वह पुलिसकर्मी हैं। रोजाना लूटपाट और हत्या हो रही है।
इतना जेवर पहनकर चलोगी तो वारदात का शिकार हो जाओगी। उनकी बातें सुनकर वृद्धा घबरा गईं और मंगलसूत्र व अंगूठी उतार लीं। बदमाशों ने जेवर लेकर कागज की पुड़िया में लपेटकर उन्हें लौटा दिए और आगे बढ़ गए। वृद्धा ने पुड़िया खोली तो भीतर कंकड़ देख पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने शोर मचाया लेकिन तब तक बदमाश भाग चुके थे। बीती 14 मार्च को भी ऐसी तरह की घटना गांधीनगर निवासी मंजू साहू के साथ हुई थी।
सीडीआरआई की क्लर्क से जानकीपुरम में टप्पेबाजी
छुइयापुरवा चौराहे पर वंदना से ठगी
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जानकीपुरम सेक्टर-जी निवासी जयराम की पत्नी व सीडीआरआई में क्लर्क वंदना परवानी को टप्पेबाजों ने शिकार बनाया। वह बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे वह ऑफिस जाने के लिए निकली थीं। छुइयापुरवा चौराहे पर वह रिक्शा का इंतजार कर रही थीं तभी एक बदमाश मोबाइल फोन पर बातचीत करते हुए वहां आया।
उसने दूर खड़े साथी की तरफ इशारा करते हुए वंदना से कहा कि वह उन्हें बुला रहा है। वंदना उसके पास पहुंची तो शातिर ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि चुनाव आ रहा है इसलिए गहने पहनकर न चलें। सुरक्षा के लिए गहने उतारकर पर्स में रख लें अन्यथा दो हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ सकता है। वंदना ने गहने उतार लिए और पर्स में रखने लगीं।
इस पर बदमाश ने उनसे गहने लेकर कागज की पुड़िया में लपेटकर दे दिए। ऑफिस पहुंचकर वंदना ने पुड़िया खोली तो होश उड़ गए। उनकी सोने की चार चूड़ियां, एक चेन व दो अंगूठी की जगह कांच की चूड़ियां रखी हुई थीं। उन्होंने गुडंबा थाना में प्राथमिकी दर्ज करा दी है।
सुबह से रात तक पीड़िता को थाने में बैठाया
सआदतगंज के ब्राह्मणी टोला नौबस्ता निवासी ऊषा गुप्ता का है। वह बुधवार सुबह बहू दुर्गेश कुमारी गुप्ता के साथ मड़ियांव स्थित आइकॉन अस्पताल में उपचार कराने के लिए जा रही थीं। मड़ियांव टैंपो स्टैंड के पास एक टप्पेबाज ने उन्हें रोककर खुद को एसटीएफ का बताते हुए जेवर पहनने पर टोका। उसने कहा कि कोई वारदात हो सकती है।
जेवर उतारकर पर्स में रख लीजिए। ऊषा सोने के चार कड़े और गले में पहनी चेन उतारकर पर्स में रखने लगीं तभी बदमाश ने जेवर लेकर कागज की पुड़िया में लपेटकर लौटा दिए। उन्होंने पुड़िया खोली तो प्लास्टिक के कड़े देख हैरान रह गईं। उन्होंने शोर मचाया, लेकिन तब तक टप्पेबाज भाग चुका था। ऊषा व उनकी बहू दुर्गेश कुमार शिकायत लेकर मड़ियांव थाना पहुंची, जहां जफर मेहंदी नाम का पुलिसकर्मी मिला।
उसने ऊषा को ही डपट दिया। पुलिसकर्मी ने कहा कि इतने जेवर पहने ही क्यों थीं। पेपर नहीं पढ़ती हो क्या? ऐसी घटनाएं रोज होती रहती हैं। पुलिसकर्मी ने उन्हें एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें टप्पेबाज किसी महिला के जेवर उतरवा रहे हैं।
पीड़िता का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे तहरीर लेकर रात दस बजे तक थाना में ही बैठाए रखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।
एक महिला सिपाही भी उन्हें ही बुरा-भला कहती रही। महिला सिपाही ने कहा कि तुम लोग रोज जेवर उतरवाकर दे आते हो और हम लोग ढूंढते फिरते हैं। क्या इसी काम के लिए हम थाने में बैठे हैं। पीड़ित सास-बहू असहाय होकर उनकी बातें और ताने सुनते रहे और रात को घर लौट आए।