प्रमुख शहरों में साइकिल ट्रैक बनवाने पर जोर दे रही अखिलेश सरकार ने अब आगरा से इटावा के लॉयन सफारी पार्क तक साइकिल हाईवे के निर्माण का फैसला किया है।
खास बात यह है कि आगरा से इटावा की दूरी मात्र 100 किलोमीटर है, लेकिन साइकिल हाईवे पर प्राकृतिक नजारा (नेचुरल लुक) बनाए रखने के लिए इसकी लंबाई करीब दोगुनी होगी। यह देश का सबसे लंबा साइकिल ट्रैक होगा, जिस पर 93 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
किसी बड़े शहर से होकर नहीं गुजरेगा
पीडब्ल्यूडी के मुताबिक, यह साइकिल हाईवे कुल 197.5 किलोमीटर लंबा होगा। साईकिल हाइवे के लिए सीमांकन इस तरह से किया गया है कि यह किसी बड़े शहर से होकर नहीं गुजरेगा।
चंबल और यमुना नदी के किनारे बसे तमाम छोटे-छोटे गांवों से होकर यह पास होगा। कई नहरों के किनारे वाले हिस्से और चकरोड भी इसमें शामिल किए गए हैं।
इस तरह का होगा साइकिल ट्रैक
सभी जगह यह ट्रैक चार मीटर चौड़ा होगा, जिस पर सीसी रोड डाली जाएगी। जहां डामर रोड या खड़ंजा पहले से हैं, वहां उनके किनारे चार मीटर चौड़ी सीसी रोड बनाई जाएगी। साथ ही शेष रोड से इसे अलग चिन्हित करने के लिए छोटे-छोटे एंगेल या पत्थर के टुकड़े भी लगाए जाएंगे।
विश्वस्तरीय होगा साइकिल ट्रैक
यह ट्रैक बन जाने से आगरा से इटावा के बीच पर्यटकों और पर्यावरण प्रेमियों की आवाजाही बढ़ेगी। उन्हें कम खर्चे में बेहतर प्राकृतिक नजारों को देखने का मौका मिलेगा। ट्रैक के किनारे पेड़ लगाए जाएंगे और इस ट्रैक को प्राकृतिक नजारों के बीच से गुजारा जाएगा।
पीडब्ल्यूडी के सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही यह प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। चूंकि, उच्चस्तरीय सहमति के बाद ही एस्टीमेट तैयार किया गया है, इसलिए मंजूरी मिलना तय है। यह विश्व के सबसे बड़े साइकिल ट्रैक में से एक होगा।
लखनऊ में साइकिल ट्रैक की कुल लंबाई 70 किमी.
यहां बता दें कि पीडब्ल्यूडी और विकास प्राधिकरण कई शहरों में छोटे-छोटे साइकिल ट्रैक बना रहे हैं। लखनऊ की विभिन्न सड़कों के किनारे कुल 70 किलोमीटर लंबे साइकिल ट्रैक बन चुके हैं।
अभी यहां 100 किलोमीटर लंबे और साइकिल ट्रैक बनाए जाने की योजना है। फैजाबाद और सैफई में भी पीडब्ल्यूडी ने साइकिल ट्रैक का निर्माण किया है।
नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में वहां के विकास प्राधिकरण साइकिल ट्रैक का निर्माण करवा रहे हैं। इसके अलावा सहारनपुर, मथुरा और बाराबंकी में भी साइकिल ट्रैक बनाने पर विचार किया जा रहा है।