सदर विधानसभा निवासी समाजसेवी महादेव का कहना है कि यहां पहले उद्योगों की भरमार थी। धीरे-धीरे उद्योग बंद होते गए। इससे लोग बेरोजगार हो गए और काम की तलाश में मुंबई, पंजाब, हरियाणा चले गए। उद्योग शुरू करने पर काम होना चाहिए।
सरेनी विधानसभा के रजनीश सिंह का कहना है कि सरेनी विधानसभा क्षेत्र में पानी की किल्लत है। फ्लोराइडयुक्त पानी आज भी पीना पड़ रहा है। इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। नहरों में भरपूर पानी न पहुंच पाना सबसे बड़ा मुद्दा है।