लगातार दिग्गजों के कब्जे में रहने वाली कैसरगंज सीट पर इस बार क्या चुनावी गणित रहेगा, यह सवाल इस समय हर किसी के मन में चल रहा है। यहां से राजनीतिक दलों के प्रत्याशी के नाम सामने आने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि इस बार ऊंट किस करवट बैठने वाला है।
जिले में लोकसभा की दो सीटे हैं। इनमें बहराइच सुरक्षित है। यहां से भाजपा के अक्षयवर लाल गोंड सांसद हैं। इस सीट के दायरे में पांच विधानसभा महसी, सदर, बलहा, मटेरा व नानपारा आती है। इसी तरह दूसरी सामान्य सीट कैसरगंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान सांसद बृजभूषण शरण सिंह हैं।
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इस सीट से उन्होंने वर्ष 2009, 2014 और 2019 में जीत दर्ज की है। यह लोकसभा क्षेत्र गोंडा और बहराइच दो जिले की पांच विधानसभाओं से मिलकर बना है, जिसमें गोंडा जिले की तीन तरबगंज, कटराबाजार, करनैलगंज और बहराइच की दो पयागपुर और कैसरगंज विधानसभाएं शामिल हैं।
देवीपाटन मंडल की चार लोकसभा सीटों में श्रावस्ती, गोंडा और बहराइच का टिकट भाजपा ने जारी किया है, जबकि कैसरगंज पर अभी तक सस्पेंस बना हुआ है। इसके इतर विपक्षी गठबंधन व बसपा के समीकरण का भी इंतजार है लेकिन सभी की नजर कैसरगंज पर ही टिकी हुई है। भाजपा की रणनीति पर सपा व बसपा भी मौन साधे हैं।
बहराइच व कैसरगंज पर रहा दिग्गजों का कब्जा
जिले में बहराइच व कैसरगंज दोनों लोकसभा सीटों पर दिगगजों का कब्जा रहा है। यहां से रफी अहमद किदवई, मौजूदा समय केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, केके नायर, शंकुतला नायर, बेनी प्रसाद वर्मा, रूद्रसेन चौधरी, बृजभूषण शरण सिंह, राणा वीर जैसे राजनीतिक दिग्गज सांसद रहे हैं। अब इस बार कैसरगंज पर किसकी रहनुमाई होगी इसको जानने के लिए हर किसी को बेसब्री से इंतजार है।