पार्टी सूत्रों के अनुसार सुभासपा अध्यक्ष जातिगत समीकरण के लिहाज से राजभर बिरादरी के लिए सबसे अधिक मुफीद मानी जाने वाली 13 सीटों पर भाजपा को नुकसान पहुंचाने को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हैं। इसके तहत ही उन्होंने इन सीटों पर राजभर बिरादरी के उम्मीदवार उतारे हैं।
धौरहरा और सीतापुर में भी अर्कवंशी उम्मीदवार उतारे हैं। इन दोनों सीटों पर अर्कवंशी बिरादरी की अच्छी तादाद है और इस बिरादरी को भी राजभर की ही श्रेणी में माना जाता है। इस तरह राजभर कुल 39 सीटों पर भाजपा की घेराबंदी करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
ओमप्रकाश अब सुभासपा उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए निकल चुके हैं। सभाओं में वह भाजपा द्वारा सुभासपा के साथ किए जा रहे सौतेले व्यवहार के बारे में ही बिरादरी को बताने में जुटे हैं।
उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि वह बिरादरी के नाम पर सिर्फ एक सीट मांग रहे थे, लेकिन भाजपा ने राजभरों के बजाय कुर्मी जाति को सम्मान दिया है। वह अपने लोगों को यह बताकर भी सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहे हैं कि राजभर बिरादरी की आवाज दबाने के लिए ही भाजपा उनकी राजनीति को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
माना जा रहा है कि ओमप्रकाश सहानुभूति के बल पर बिरादरी को एकजुट करके भाजपा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
सलेमपुर, चंदौली, घोसी, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, आजमगढ़, लालगंज, जौनपुर, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीर नगर, बस्ती, डुमरियागंज, गोरखपुर, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, भदोही, देवरिया, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बांदा, फतेहपुर, बांसगांव, मछलीशहर व मिर्जापुर।
सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि भाजपा ने एक भी सीट न देकर मेरा नहीं, अपना नुकसान किया है। राजभर समाज को अपमानित किया है। इसलिए हमने पिछड़े व अति पिछड़ों के सम्मान के लिए चुनाव लड़ने का फैसला किया है। हमारा पूरा फोकस अपने प्रत्याशियों को मजबूती से चुनाव लड़ाने पर है।