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खेत में काम कर रही दादी-पोती को बाघ ने बनाया निवाला, एक घंटे तक शव के पास दहाड़ता रहा

Wed, 24 Apr 2019 01:02 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला बहराइच

सार

  • दोनों शवों को गेरुआ नदी के टॉपू पर खींच ले गया बाघ
  • लोगों के शोर मचाने पर जंगल में चला गया
  • कतर्नियाघाट रेंज में विशुनापुर गांव के पास हुई घटना 
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बाघ द्वारा किए हमले की जांच करती पुलिस - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कतर्नियाघाट रेंज में विशुनापुर गांव के पास खेत में काम कर रही दादी व पोती को मंगलवार की शाम बाघ ने निवाला बना लिया। काफी देर बाद लोगों को घटना की जानकारी हुई तो कोहराम मच गया। बाघ दोनों शवों को गेरुआ नदी के टॉपू पर खींच ले गया। 
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वन विभाग के अधिकारी और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो हांका लगाने के बाद बाघ एक घंटे बाद जंगल की ओर चला गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वन विभाग के अधिकारी मौके पर जांच कर रहे हैं। 

कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत विशुनापुर गांव निवासी परदेशी का खेत जंगल के पास गेरुआ नदी से सटा हुआ है। परदेशी की पत्नी सोनी (55) और पोती नीतू (10) मंगलवार शाम खेत में लगी मेंथा की फसल की निकाई करने गई थीं। 
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इसी दौरान जंगल से निकलकर आए बाघ ने सोनी पर झपट्टा मारा। इस पर नीतू ने शोर मचाना शुरू कर दिया। तभी बाघ ने उस पर भी हमला कर मार डाला। बाघ दोनों शवों को गेरुआ नदी के टापू पर खींच ले गया। इस दौरान रह-रह कर बाघ दहाड़ता रहा। 

बाघ की दहाड़ सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हुए, तो उन्हें घटना की जानकारी हो सकी। मामले की सूचना रेंज कार्यालय पर दी गई। इसके बाद वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव, डिप्टी रेंजर राधेश्याम, वन दरोगा अशफाक, अनिल कुमार, वन रक्षक पवन शुक्ला, वाचर पट्टू, अनिल श्रीवास्तव व सुजौली थाने के उप निरीक्षक अशोक कुमार, जितेंद्र सिंह व डीएन विश्श्वकर्मा मौके पर पहुंचे, लेकिन बाघ शवों के पास बैठा दहाड़ता रहा।

इस पर सभी ने शोर मचाना शुरू किया। एक घंटे के बाद बाघ शवों को छोड़कर जंगल की ओर चला गया। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। 

तीन टीमें गठित, लगेगा पिंजड़ा

बाघ के हमले में दो मौतों की सूचना मिली है। टीम मौके पर जांच कर रही है। क्षेत्र में गश्त के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। ग्रामीणों को अलर्ट करते हुए पिंजड़ा लगवाया जाएगा, निरंतर गश्त होगी।
- जीपी सिंह डीएफओ

फिर आ सकता है बाघ, सजग रहें ग्रामीण
बाघ शिकार करने के बाद शव को छोड़ देता है। कुछ घंटे बाद उसे निवाला बनाने के लिए फिर आता है। ऐसे में बाघ पुन: क्षेत्र में आ सकता है। ग्रामीणों को लगभग तीन दिन तक सजग रहकर क्षेत्र में आवागमन करने की जरूरत है। खेत-खलिहान भी समूह बनाकर जाना होगा। 
- पीयूष मोहन श्रीवास्तव वन क्षेत्राधिकारी

कतर्नियाघाट के जंगलों में पहुंचा हाथियों का झुंड, अलर्ट

कतर्नियाघाट सेंक्चुअरी में नेपाल के रॉयल वर्दिया नेशनल पार्क से हाथियों का एक और झुंड पहुंच गया है। इस झुंड का मूवमेंट कतर्निया तटबंध और पर्यटकों के भ्रमण परिक्षेत्र में है। इसके चलते क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है।  

नेपाली हाथियों को कतर्नियाघाट सेंक्चुरी की आबोहवा रास आ रही है। पखवारे भर पूर्व लगभग छह हाथियों का झुंड कतर्नियाघाट आया था। वह अभी यहीं प्रवास कर रहा है। सोमवार रात और 10 हाथियों का झुंड खाताकारीडोर के रास्ते कतर्नियाघाट के जंगलों में प्रवेश कर गया। 
 
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मंगलवार को सुबह इन हाथियों का झुंड कतर्नियाघाट तटबंध के निकट गेरुआ पार जंगलों के पास मिला। गश्त कर रहे वनकर्मियों ने हाथियों के झुंड को देखकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद आसपास गांवों के लोगों को सजग कर दिया गया है। 

प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि कुछ हाथियों का मूवमेंट कतर्नियाघाट तटबंध के पर्यटक भ्रमण परिक्षेत्र में है। ऐसे में पर्यटकों को भी सजग रहकर भ्रमण करने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि निरंतर हाथियों की आमद होने से लग रहा है कि नेपाल के हाथियों को कतर्निया सेंक्चुरी की आबोहवा काफी रास आ रही है।
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