सूत्रों के अनुसार ओमप्रकाश राजभर ने आगे की रणनीति पर भी काम करना शुरू कर दिया है। वह बुधवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिल सकते हैं। चर्चा यह भी है कि भाजपा से रिश्ता टूटने के बाद वह कांग्रेस या सपा-बसपा गठबंधन के साथ जा सकते हैं।
राजभर की सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका से दो दौर की बात हो चुकी है।
सूत्रों की मानें तो राजभर तो सपा-बसपा गठबंधन के साथ जाना चाहते हैं, लेकिन कुछ लोग कांग्रेस के साथ रहने का सुझाव दे रहे हैं। दरअसल सपा-बसपा गठबंधन में तो दो-तीन सीटें ही मिलने की बात कही जा रही है, जबकि कांग्रेस से 6 से 8 सीटें मिलने की संभावना है।
राजभर के लोग एक सप्ताह से उनके लिए दूसरा मकान तलाश रहे हैं। सूत्रों की मानें तो एक मकान फाइनल भी कर लिया गया है, ताकि बुधवार को भाजपा से अलग होने के एलान के साथ ही राजभर मंत्री पद व सरकारी मकान छोड़ दें।
भाजपा की सूची से बंधी आस
भाजपा की ओर से प्रदेश की 29 सीटों के लिए मंगलवार को जारी सूची से राजभर की आस बंधी है। भाजपा ने उन सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है, जिन पर राजभर की दावेदारी है। हालांकि उनकी दावेदारी वाली चंदौली और सलेमपुर पर भाजपा ने उम्मीदवार उतार दिए हैं, लेकिन घोसी, जौनपुर, मछलीशहर, अंबेडकरनगर व लालगंज अब भी बची हैं।