इसी तरह के निर्देश सपा और रालोद के स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं को भी दिए गए हैं। कहा गया है कि जहां वरिष्ठ नेताओं की एक टीम गड़बड़ियों की शिकायत मिलने पर तत्काल आयोग से संपर्क करेगी, वहीं स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ता भी पुरजोर विरोध-प्रदर्शन के लिए तैयार रहें।