रायबरेली। जिले में मूल्य समर्थित धान की खरीद का कार्य सोमवार से शुरू हुआ। हालांकि अधूरी तैयारियों के कारण पहले दिन खरीद की बोहनी तक नहीं सकी। इस दौरान कई खरीद केंद्रों पर ताला पड़ा मिला। जो केंद्र खुले भी वहां भी दिन भर किसानों के न पहुंचने से सन्नाटा पसरा रहा।
पिछले साल भी जिले में धान खरीद की स्थिति काफी खराब रही थी। इस दौरान तय लक्ष्य का दस फीसदी धान भी नहीं खरीदा जा सका था। इस बार भी धान की खरीद को लेकर विभागीय जिम्मेदार उदासीन बने हैं। सोमवार को शुरू हुई धान खरीद के बावजूद अधिकतर केंद्रों पर खरीद से जुड़े इंतजाम अधूरे दिखे। खरीद के लिए जिले में 102 केंद्र खोले गए हैं। इस साल जिले में धान खरीद का लक्ष्य 1.60 मीट्रिक टन है। अब तक सात हजार किसानों ने धान खरीद के लिए पंजीकरण कराया है।
सरेनी ब्लॉक में इब्राहिमपुर में रसूलपुर चौराहे के पास क्रय केंद्र खोला गया जिसमें अभी तक किसी किसानों ने पंजीकरण नहीं करवाया है। क्रय केंद्र पर दामिनी, मोती, मसूर धान की प्राथमिकता के आधार पर तौल की जाएगी। इसी तरह बछरावां क्षेत्र में धान खरीद को लेकर राजामऊ, कलुईखेड़ा, बन्नावां, कसरावां व बछरावां, गूढ़ा धान खरीद केंद्र बनाए गए हैं लेकिन सोमवार को कसरावां व बछरावां धान खरीद केंद्र में ताला लटकता मिला।
डिप्टी आरएमओ सोनी गुप्ता ने बताया कि जिन क्रय केंद्रों पर धान खरीद का कार्य शुरू नहीं हुआ है। उन केंद्रों पर जांच कर प्रभारी के खिलाफ करवाई तय की जाएगी। धान खरीद को लेकर व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिया गया ह। इसके लिए क्रय केंद्रों की जांच भी की जा रही है।
उप मंडी स्थल पर पसरा सन्नाटा
शहर और महराजगंज में धान की खरीद शुरू हो गई है लेकिन फसल अभी तैयार न होने से केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। किसान उपज की तौल कराने के लिए टोकन लेते दिखाई पड़े। महराजगंज उप मंडी स्थल में पिछले साल की तरह इस बार भी मार्केटिंग के छह कांटे लगाए गए हैं। जबकि सतांव में अभी तक दस किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसी तरह ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के रोहनिया व ऊंचाहार ब्लाक क्षेत्र के किसानों को मूल्य समर्थन योजना का लाभ दिलाने के लिए नौ धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। लेकिन खरीद शुरू होने के पहले दिन सभी केंद्रों पर सन्नाटा ही पसरा रहा।