गर्मी के मौसम में फैलने वाले संचारी रोगों और दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरह अब नगर निकायों की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रभावी नियंत्रण की कार्यवाही में लापरवाही होने पर नगर निकाय के अधिकारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक व प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी। संचारी रोगों के नियंत्रण के मामले में यह व्यवस्था पहली बार की जा रही है।
हर साल गर्मी के मौसम में संचारी रोगों और दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण सरकार की उच्च प्राथमिकताओं में हैं। इस रोग के प्रसार को रोकने व नियंत्रण में लापरवाही के लिए अब तक सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों का ही दायित्व निर्धारित किया जाता था। जबकि तमाम विभागों की लापरवाही की वजह से भी इन रोगों का प्रसार होता है। इसके मद्देनजर पिछले दिनों मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने समीक्षा की तो पाया कि इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ ही कई विभागों के स्तर पर दायित्व निर्धारित कर दिया जाए तो इस रोग को शुरुआती दौर में ही काबू पाया जा सकता है।
इसी कड़ी में मुख्य सचिव के निर्देश पर अब स्वास्थ्य विभाग की तरह नगर निकायों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके लिए नगर विकास विभाग को एक ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। इसमें संचारी रोगों और दिमागी बुखार के नियंत्रण को लेकर की जाने वाली कार्यवाही में नगर निकायों के स्तर से कराए जाने वाले कार्यों को शामिल किया जाएगा। जिसमें शुद्ध पेयजल की आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने और संवेदनशील क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था बनाने समेत कई तरह की कार्यवाही की जिम्मेदारी नगर निकायों को करनी होगी। इसी तरह पंचायती राज, ग्राम्य विकास, बाल विकास सेवा एंव पुष्टाहार विभाग के लिए भी दायित्व का निर्धारण करने को कहा गया है।