राज्य सरकार ने मेट्रो परियोजना के लिए ऋण दिलाने के लिए केन्द्र से मदद मांगी है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को लिखे पत्र में अनुरोध किया गया है कि जल्द से जल्द इस संबंध में फैसला लिया जाए ताकि मेट्रो प्रोजेक्ट रफ्तार पकड़ सके।
वाह्य सहायतित परियोजना विभाग के सलाहकार मधुकर जेटली ने लखनऊ मेट्रो परियोजना को लेकर समीक्षा बैठक शुक्रवार को की।
जेटली ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो संस्थाएं ऋण उपलब्ध करा चुकी हैं और सफलतापूर्वक मेट्रो परियोजनाओं का संचालन हो रहा उनका ब्यौरा प्रस्तुत किया जाए।
जाइका से क्या विस्तृत वार्ता हुई और भारत सरकार ने क्या शर्तें रखी हैं? इसका भी ब्यौरा जुटाएं।
मधुकर जेटली ने कहा कि केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली को ऋण के संबंध में पत्र लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि प्रदेश की जनता के हित में वित्त मंत्रालय सभी ऋण उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं का तुलनात्मक दृष्टि से अध्ययन करके बिना देरी किए निर्णय करे।
रेलवे से जल्द लें एनओसी
मेट्रो से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिये वे रेलवे से जल्द एनओसी ले लें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लखनऊ में दूसरे फेज के लिए डीपीआर का निर्माण तुरंत शुरू करवा दें। प्रदेश के अन्य जिलों में मोनो और मेट्रो रेल की भी डीपीआर बनाई जाए
श्रीधरन को बैठक में मौजूद रहने का निर्देश
मधुकर जेटली ने निर्देश दिया है कि अगली समीक्षा बैठक में लखनऊ मेट्रो के प्रधान सलाहकार ई. श्रीधरन भी उपस्थित रहें। बैठक में प्रमुख सचिव सदाकांत, एमडी एलएमआरसी राजीव अग्रवाल और अन्य मौजूद रहे।