किसी को भी रक्त की जरूरत होती है और उनके साथियों को इसकी जानकारी होती है तो उसका मैसेज तेजी से फैलता है। जिस शहर में रक्त की जरूरत होती है वहां के लोगों के बीच में जमकर प्रचार किया जाता है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग रक्तदान के लिए तैयार हो सकें।
अनन्य ने बताया कि उनके साथियों ने अब तक कई लोगों को जीवनदान दिया है। उन्होंने बताया कि वे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वकालत के साथ-साथ इस मुहिम को देश के अन्य प्रदेशों में भी ले जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर कभी रक्त की कमी न हो।
इसके अलावा अनन्य को कविता लिखने व पाठ करने का भी बहुत शौक है। वे कक्षा आठ से कविताएं लिख रहे हैं। शुरू में उन्होंने प्रेम रस की कविताओं से शुरूआत की। इसके बाद वे धीरे-धीरे अपनी कविताओं के जरिए कई मुद्दों पर कटाक्ष कर लोगों को जागरूक करने का काम करने लगे।
वे ईटावा, मैनपुरी, सैफई, टुंडला समेत कई शहरों में कविता पाठ कर ख्याती प्राप्त कर चुके हैं। उनकी इच्छा है कि अब तक की कविता संग्रह को एक किताब की शक्ल दी जाए। इसके लिए वे जोर-शोर से प्रयास कर रहे हैं।