केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में लिवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित एक मरीज की मौत हो गई। उसके मुंह से लगातार खून आ रहा था। आरोप है कि उसे जिस तरह के इलाज की जरूरत थी, वह सिर्फ दिन में मिलता है, ऐसे में इलाज के अभाव में मरीज की रात में ही मौत हो गई।
इससे पहले मरीज 15 घंटे तक जिंदगी के लिए जूझता रहा। पूरी रात जूनियर डॉक्टर दवाओं की मदद से मर्ज पर काबू करने की कोशिश करते रहे, लेकिन बचा नहीं सके। तीमारदार रामू शुक्ला के मुताबिक, डॉक्टरों ने ऑन कॉल किसी भी विशेषज्ञ को न लाकर एंडोस्कोपी प्रक्रिया के जरिये नसों की बाइंडिंग नहीं कराई।
खून की उल्टियां अधिक होने की वजह से मरीज ने दम तोड़ दिया। मामले की शिकायत सीएम से हुई है। जहां से मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। लखीमपुर धरौहरा के रहने वाले शशि मोहन मिश्रा (50) निजी फैक्ट्री में काम करते थे। बीती 26 जनवरी को तीमारदार खून की उल्टियां होने पर ट्रॉमा सेंटर लाए थे। डॉक्टरों की काफी मिन्नतों बाद मरीज को उसे भर्ती कर लिया गया।