सदस्यों के सवालों से झल्लाए नेता सदन ने विपक्ष को लेकर एक टिप्पणी कर दी।
इस पर पक्ष-विपक्ष में तकरार हुई। बाद में शून्य प्रहर में भाजपा के दीक्षित ने यह मामला उठाते हुए चुटकी ली, ‘सभापति जी! आपसे आग्रह है कि नेता सदन गुस्साया न करें। अभी गुस्से में न जाने क्या-क्या कह दिया।
मैं जानता हूं कि नेता सदन दिल से गुस्सा नहीं करते हैं, पर ऊपर से भी न गुस्साया करें।
उनके गुस्सा में बोलने से कुछ ऐसे शब्द कार्यवाही में लिख गए होंगे जो नेता सदन ने दिल से नहीं कहे होंगे।
नेता सदन अहमद हसन ने कहा, ‘मैं कहना कुछ और चाहता था परंतु मुंह से ... शब्द निकल गया जिसे मैं वापस लेता हूं।’
कांग्रेस के नसीब पठान ने कहा, ‘वैसे नेता सदन जब गुस्सा होते हैं तो हसीन लगते हैं।’ इस पर ठहाका गूंज उठा। सभापति ने कहा कि वे उन शब्दों को कार्यवाही से निकालने का निर्देश देते हैं।