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शराब माफिया को बचाने में जुटी रही पुलिस, घायल युवक ने तोड़ दिया दम

Fri, 21 Apr 2017 09:06 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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एसएसपी को आपबीती सुनाती देशराज की मां - फोटो : amar ujala
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माफिया की तरफदारी करने का लखनऊ पुलिस का एक और चेहरा सामने आया है। शराब माफिया सोनू सरदार ने आपसी झगड़े में एक युवक देशराज (22) को चाकू से गोद डाला।
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लहुलूहान युवक तकरीबन 11 घंटे तक मोहनलाल गंज थाने में तड़पता रहा और पुलिस उसके घर वालों पर  समझौते का दबाव बनाती रही। न तो उसका इलाज कराया न अस्पताल पहुंचाया। 

बृहस्पतिवार  को उसकी मौत के बाद  एसएसपी मंजिल सैनी ने न केवल मुकदमा हत्या की धाराओं में दर्ज कराया बल्कि शैलेंद्र कुमार सिंह व हलका इंचार्ज दरोगा प्रमोद कुमार शर्मा को सस्पेंड कर ‌द‌िया। 
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मामले की जांच एसएसपी ग्रामीण प्रताप गोपेंद्र यादव को सौंपी है। पुल‌िस ने आरोपी को ‌ग‌िरफ्तार कर ‌ल‌िया है। एसएसपी ने बताया कि देशराज पर अवैध शराब बनाने वाले सोनू सरदार ने हमला किया था।

सोनू सरदार का कहना था कि देशराज उसकी पत्नी को परेशान करता है। कई बार उसे मना किया लेकिन नहीं माना। मंगलवार रात देशराज मिल गया तो उस पर हमला कर दिया।

पुल‌िस ने समझौते का बनाया दबाव

देशराज (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
सोनू सरदार ने उसके सीने और पेट पर चाकू से ताबड़तोड़ वार करके लहूलुहान कर दिया। देर रात देशराज को घरवाले ट्रामा सेंटर ले गए और उपचार के बाद घर ले आए।

अगले दिन गंभीर रूप से घायल देशराज को लेकर पिता श्रीराम और मां रामावती शिकायत करने थाना पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें ही बैठा लिया।उन्होंने बेटे की हालत गंभीर होने और उसे अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही तो पुलिसकर्मियों ने धमकाते हुए चुप करा दिया।

घायल देशराज मंगलवार पूरी रात और बुधवार पूरा दिन गांव में ही पड़ा रहा। इस दौरान पुलिस उसके माता-पिता पर समझौते का दबाव बनाती रही। जेल भेजने की धमकी देने पर उन्होंने थाना में शराब माफिया से समझौता कर लिया।

रात करीब दस बजे थाना से छूटने पर परिवारीजन घर पहुंचे और देशराज को अस्पताल ले गए।हालांकि, तब तक देशराज की हालत बिगड़ चुकी थी। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे देशराज की मौत हो गई। पुलिस का खेल यहां भी खत्म नहीं हुआ और गैर इरादतन हत्या के आरोप में एफआईआर दर्ज करके मामला हलका करने की कोशिश की। 
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एसएसपी ने की पूरे प्रकरण की पड़ताल

जानकारी लेती एसएसपी मं‌ज‌िल सैनी - फोटो : amar ujala
इस गंभीर प्रकरण की जानकारी उन्होंने सीओ को दी न किसी अन्य अधिकारी को बताया। एसएसपी मंजिल सैनी को पुलिस के इस खेल की भनक लगी तो शाम छह बजे वह मोहनलालगंज कोतवाली पहुंच गईं।

करीब दो घंटे तक कोतवाली में रहकर उन्होंने खुद पूरे प्रकरण की पड़ताल की। पुलिस के खेल का खुलासा होने के बाद एसएसपी ने इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सिंह और हलका इंचार्ज प्रमोद कुमार शर्मा को जमकर फटकार लगाते हुए दोनों को सस्पेंड कर दिया है।

एसएसपी ने बताया कि शराब माफिया को बचाने में अन्य पुलिसकर्मियों की भी भूमिका हो सकती है। एएसपी ग्रामीण को जांच सौंपी गई है। अगर अन्य पुलिसकर्मियों का नाम सामने आता है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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