उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश के बाद भूमाफिया के विरुद्ध कार्रवाई करने को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। शुक्रवार को एक फर्जी परवाना अमलदरामद कराने का मामला प्रकाश में आने पर जिलाधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिया। पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग चार मुकदमे दर्ज किया है।
इनमें पांच लोगों को नामजद किया गया है। इस कार्रवाई से भूमाफिया में हड़कंप है। जिलाधिकारी निखिलचन्द्र शुक्ला ने सरकारी भूमि को षड़यंत्र कर, कूट रचित के माध्यम से भूमि हड़पे जाने वाले व्यक्तियों पर शिकंजा कसा है। कार्यालय में दो आरोपियों द्वारा झूठी शिकायत लेकर पहुंचने पर पुलिस बुलाकर उन्हें गिरफ्तार कराया।
पुलिस ने अलग-अलग चार भूमि हड़पे जाने के मामले में पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। नगर के अलग-अलग स्थानों पर बेशकीमती भूमि को हड़पे जाने का मामला प्रकाश में आने एवं राजस्व परिषद इलाहाबाद के तीन फर्जी परवाना अमल दरामद के माध्यम से भू-अभिलेखों में नाम अंकित करवाने का प्रयास किया गया।
एक प्रकरण में स्थानीय न्यायालय के फर्जी हस्ताक्षर से नाम अंकित करवाने का प्रयास किया गया, यही नहीं एक अन्य प्रकरण में स्थानीय न्यायालय के फर्जी हस्ताक्षर द्वारा जारी परवाना अमलदरामद का प्रकरण भी संज्ञान में आया। ऐसे चार नगर के मामलों में मुकदमा दर्ज करने का जिलाधिकारी ने निर्देश दिया।
शुक्रवार को इसमें से एक प्रकरण कार्यालय में एक व्यक्ति के द्वारा प्रस्तुत किए जाने पर जिलाधिकारी ने मौके पर पुलिस बुलाकर दो लोगों को गिरफ्तार करवाया।
करोड़ों की भूमि को फर्जी परवाना अमलदरामद कराने का मामला
सीएम योगी आदित्यनाथ
पुलिस ने इस मामले में नगरपालिका के कर अधीक्षक गुफरान एवं नायब तहसीलदार शशिभूषण पाठक की तहरीर पर रामनाथ पुत्र संपत्ता, शीला पत्नी प्रभाशंकर निवासी निजामुद्दीनपुरा थाना कोतवाली, सुरेश चैरसिया पुत्र राजदेव निवासी ख्वाजाजहांपुर, देवनाथ पुत्र चौथी मौजा चन्द्रभानपुर थाना-कोतवाली, मंचरी पत्नी शोधन निवासी चंद्रभानपुर थाना कोतवाली के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस इस मामले में देवनाथ एवं रामनाथ को हिरासत लिया है और पूछताछ कर रही है। वादी मुकदमा नायब तहसीलदार शशिभूषण पाठक ने बताया कि सुरेश चौरसिया डीएम के फर्जी आदेश से जारी एक अमलदरामद का फर्जी आदेश लेकर आया था।
जब तहसील द्वारा इसकी जांच कराई गई, तो डीएम कोर्ट के रीडर ने बताया कि इस तरह का कोई आदेश उनके यहां से जारी नहीं हुआ। इस पर इस फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ।
जिलाधिकारी निखिलचंद शुक्ला ने कहा कि फर्जी कागजात के दौरान जो भी व्यक्ति सरकारी भूमि को हड़पने का दुस्साहस करेगा उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने ने बताया कि विगत वर्षों के अभिलेख का भी सत्यापन कराया जाएगा तथा जो लोग इसमें सम्मिलित हैं उनके विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
फर्जीवाड़ा कर जमीन अपने नाम कराने वाले सुरेश चौरसिया सहित दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर इस खेल के असली खिलाड़ी सरगना के बारे में जानकारी करने के लिए पूछताछ कर रही।
सीओ नगर पंकज सिंह ने बताया कि पूछताछ के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। पुलिस को शक है इस फर्जी हस्ताक्षर बनाने वाला गैंग जिले में सक्रिय है।