लखनऊ। पत्नी और दो मासूम बच्चों की हत्या के मामले में एडीजे रविंद्र प्रसाद गुप्ता की अदालत ने आरोपी राम लगन को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार, मामले की एफआईआर वादी अमृतलाल ने 31 मार्च 2024 को बिजनौर थाने में दर्ज कराई थी।
राम लगन अपनी पत्नी ज्योति, नाबालिग बेटी पायल और बेटे आनंद के साथ 15 मार्च 2024 से अमृतलाल के मकान में किराये पर रह रहा था। 31 मार्च को अमृतलाल अपने बेटे वीरेंद्र के साथ किराये के मकान पर पहुंचे तो कमरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। खिड़की से झांकने पर ज्योति का शव फर्श पर पड़ा मिला, जबकि दोनों बच्चों के शव अलग-अलग बोरियों में बंद थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद किए। जांच में सामने आया कि पत्नी के चरित्र पर संदेह के कारण राम लगन ने तीनों की हत्या कर दी और भाग गया था।