श्रावस्ती। जोगिया के मजरा नरैनापुर में शुक्रवार की शाम पकड़ा गया तेंदुआ करीब 18 घंटे तक वन कार्यालय भिनगा में रखे गए पिंजरे में कैद रहा। इसको रात में दो मुर्गे खिलाए गए। उसे नेपाल सीमा से सटे बहराइच के चकिया वन क्षेत्र ले जाया गया है। जहां उसका नया आशियाना होगा।
हरदत्त नगर वन क्षेत्र व थाना क्षेत्र मल्हीपुर के ग्राम जोगिया के मजरा नरैनापुर में शुक्रवार शाम पकड़े गए तेंदुए का अब बहराइच का चकिया जंगल अब नया ठिकाना होगा। पूरी रात वन कार्यालय भिनगा में रखे गए पिंजरे में कैद तेंदुआ गुर्राता रहा। उसकी तरफ जो भी आता उसे देख कर वह झपट्टा मारने का प्रयास करता रहा। रात में तेंदुए को खाने के लिए दो मुर्गे दिए गए।
रेंजर राम मिलन ने बताया कि यह नर तेंदुआ पूरी तरह से वयस्क है। इसकी उम्र करीब पांच से छह साल है। यह तेंदुआ आदमखोर नहीं था। यह नरैनापुर कैसे पहुंचा इसका पता लगाया जा रहा है। फिलहाल इसे नेपाल सीमा से सटे बहराइच के चकिया वन क्षेत्र ले जाया जा रहा है। जहां इसे जंगल में छोड़ा जाएगा। अब चकिया जंगल ही इसका नया ठिकाना होगा।
खोली में शांतनु का स्वागत करते कांग्रेस कार्यकर्ता। -संवाद