बहराइच के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के धर्मापुर वन रेंज के घर्मापुर गांव में आतंक मचाने वाला तेंदुआ पिंजरें में कैद हो गया जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। कतर्नियाघाट जंगल के किनारे बसे घर्मापुर गांव में एक सप्ताह से तेंदुए के हमले अचानक बढ़ गये थे और तेंदुआ घर में सो रही बालिका शमा (8 वर्ष) को उठा ले गया और खेत में निवाला बना लिया था।
इस घटना के बाद तेंदुए की लगातार गांव में आमद हो रही थी और दो दिन बाद गांव की एक बालिका पर हमला कर दिया था। लगातार दो घटनाओं के बाद के बाद से ग्रामीणों मे दहशत का माहौल था जिस पर वन विभाग द्वारा घर्मापुर गांव में पिंजरा लगाया गया था तथा वन विभाग की टीम वन क्षेत्राधिकारी मोबीन आरिफ के नेतृत्व में गस्त तेज कर तेंदुआ के मूवमेंट पर नजर रख रही थी। आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के लिए 15 थर्मो सेंसर कैमरे भी लगाए गए थे।
सोमवार रात तेंदुआ शिकार के लिए गांव की ओर आया तो गांव के किनारे पिंजरे में बंधी बकरी के शिकार के लालच में पिंजरे में कैद हो गया। इस दौरान गश्त कर रही वन विभाग की टीम को तेंदुए के गुर्राने की आवाज सुनाई पड़ी तो वन विभाग की टीम ग्रामीणों के साथ पिंजरें के पास गये तो देखा तेंदुआ पिंजरें में कैद हो गया था।
तेंदुए के पिंजरे मे कैद होने की सूचना पाकर वन क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे और तेंदुआ को पिंजरा सहित वन रेंज कार्यालय ले आये। तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की सूचना से ग्रामीणों में खुशी की लहर है और सभी ने राहत महसूस की।
वन क्षेत्राधिकारी धर्मापुर मोबीन आरिफ ने बताया कि सोमवार की रात घर्मापुर गांव में आतंक मचाने वाली मादा तेंदुआ पिंजरें में कैद हो गई थी। स्वास्थ्य के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ लगभग 4 माह की है।