लखनऊ। शिव की पूजा में मैं खुद ही सीता को लेकर आऊंगा, ये वचन पुरोहित रावण का यजमान राम से कह देना...। कविता रूपी ये संवाद जब मंच पर रावण का किरदार निभा रहे आशुतोष राणा ने अपनी दमदार आवाज में बोला तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अंतरराष्ट्रीय रामायण कॉन्क्लेव के तहत सोमवार को गोमतीनगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अभिनेता आशुतोष राणा अभिनीत महानाट्य ‘हमारे राम’ का मंचन जुपिटर हॉल में किया गया।
नाटक की शुरुआत लव और कुश के अपने पिता श्रीराम से संवाद के साथ होती है। श्रीराम जब उनके सवालों पर मौन धारण कर लेते हैं तो यह कहानी भगवान सूर्य के माध्यम से आगे बढ़ती है जो सीता-राम के विवाह से लेकर सीता हरण, लंका पर आक्रमण और सत्य पर असत्य की जीत के साथ संपन्न होती है। इस दौरान दिखाया जाता है कि जब श्रीराम लंका पर आक्रमण की तैयारी कर रहे होते हैं तो उससे पहले वे भगवान शिव की आराधना करना चाहते हैं। इसके लिए पुरोहित के रूप में रावण को आमंत्रित करने जामवंत जाते हैं। रावण जामवंत को वचन देता है कि वह भगवान शिव की पूजा संपन्न कराने सीता को साथ लेकर आएगा।
दर्शकों से खचाखच भरे हॉल में कविता के रूप में संवाद अदायगी ने सभी को कायल कर दिया। साथ में मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था, साउंड, वस्त्र सज्जा ने भी प्रभावित किया। भगवान श्रीराम की भूमिका में राहुल भुचर ने भी अपने अभिनय से खासा प्रभावित किया। हनुमान की भूमिका में दानिश अख्तर, भगवान शिव की भूमिका में तरुण खन्ना, माता सीता की भूमिका में हरलीन कौर और सूर्य देव की भूमिका में करण शर्मा ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी। निर्देशन गौरव भारद्वाज का रहा।
इस मौके पर प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री मुकेश मेश्राम, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, निदेशक संस्कृति शिशिर समेत शहर की कई बड़ी हस्तियां और अफसर मौजूद रहे।
ऐसे आयोजनों से मिलती है जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा : जयवीर सिंह
मंचन से पूर्व संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि रामायण कॉन्क्लेव भारतीय संस्कृति और विरासत को संरक्षित एवं प्रचारित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। श्रीराम के जीवन आदर्श, उनकी मर्यादा और धर्म पर आधारित शिक्षाएं न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में प्रासंगिक हैं। ऐसे आयोजनों से हमारी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और रामायण के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा मिलती है।
कहानी वाचन, क्विज, मैजिक शो के साथ सजी प्रदर्शनी
महानाट्य के मंचन से पूर्व स्टोरीमैन जितेश श्रीवास्तव ने शबरी की कथा सुनाई जिसे बड़ों के साथ बच्चों की भी सराहना मिली। स्कूली बच्चों के बीच रामायण व वेद विज्ञान क्विज का भी आयोजन किया गया। इसमें श्रीराम स्वरूप मेमोरियल पब्लिक स्कूल, महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज, सेंट जोसेफ स्कूल, बाल निकुंज कॉलेज और नवयुग पब्लिक स्कूल के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। इसके बाद राम से राष्ट्र मैजिक शो का आयोजन किया गया, जिसमें जादूगर राकेश श्रीवास्तव ने प्रस्तुति दी। उनके प्रत्येक जादू पर स्कूली बच्चों ने खूब तालियां बजाईं। जुपिटर हॉल के बाहर रामलीला और राम वन गमन पथ प्रदर्शनी भी लगी। अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार आशुतोष द्विवेदी ने बच्चों को पुरस्कृत किया। लोक संस्कृति शोध संस्थान की सचिव सुधा द्विवेदी भी मौजूद रहीं।