बिना प्लेटफॉर्म टिकट के एक महिला रविवार को सुबह-सुबह लखनऊ मेल से आ रहे अपने परिचित को लेने पहुंची। साथ में अर्दली भी था। टीसी ने टिकट मांगा तो आईएएस की पत्नी बता कर उसे अर्दब में लेने की कोशिश की।
इतना ही नहीं उसे निलंबित करने की धमकी तक दे डाली। हालांकि धमकी काम न आई और टीसी ने जुर्माना लगा दिया। रविवार सुबह छह बजे से रात 8 बजे तक चले ऑपरेशन किलेबंदी के तहत 1053 बेटिकट यात्री पकड़े गए।
इनसे 2.98 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। सीनियर डीसीएम अश्विनी श्रीवास्तव के निर्देश पर डीसीएम अमिताभ कुमार ने रविवार को स्टेशन पर ऑपरेशन चक्रव्यूह चलाया।
शताब्दी एक्सप्रेस के समय बिना टिकट के स्टेशन पहुंचे कई वीआईपी यात्री भी इस अभियान में फंसे। उनको छुड़ाने के लिए कुछ ही देर में प्रभावशाली लोगों के फोन घनघनाने लगे। हालांकि रेलवे अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
पकड़े गए व्यक्ति को जुर्माना देने के बाद ही छुटकारा मिल सका। प्रथम श्रेणी प्रवेश द्वार से प्रवेश करते ही यात्रियों के टिकटों की चेकिंग की गई। उनको वापस भागने का मौका न मिले इसके लिए जीआरपी व आरपीएफ जवानों का घेरा बनाया गया था।
रेलवे अधिकारियों को बेटिकट महिला यात्रियों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। अभियान के कारण प्लेटफार्म टिकटों और जनरल श्रेणी के टिकटों में 30 प्रतिशत तक वृद्घि दर्ज की गई।