फर्जीवाड़े में एलडीए का निलंबित बाबू दो साल बाद आया पकड़ में
लखनऊ। फर्जी दस्तावेज तैयार कर एलडीए की संपत्ति बेचने के आरोपी निलंबित कनिष्ठ लिपिक को गोमतीनगर पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी की करीब दो साल से तलाश में लगी हुई थी।
इंस्पेक्टर राजेश कुमार त्रिपाठी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी सरोजनीनगर के गौरी बाजार का रहने वाला अजय प्रताप वर्मा है। वह मूलरूप से उन्नाव के अजगैन का रहने वाला है। अजय व इसके चार साथियों के खिलाफ एलडीए के तत्कालीन उप सचिव माधवेश कुमार ने वर्ष 2022 में केस दर्ज कराया था। 2022 में अजय कनिष्ठ लिपिक था। तत्कालीन उप सचिव के पास सेल्स एग्रीमेंट आया था। एग्रीमेंट त्रिवेणी नगर के आदर्श पुरम निवासी शिवानी रस्तोगी का नाम पर था। इसमें लिखा था कि शिवानी ने गोमतीनगर योजना के तहत एक जमीन एलडीए से खरीदी है।
जांच में पता चला कि एग्रीमेंट फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया था। जमीन बेचने में गवाह भानु प्रताप शर्मा और अभिनव सिंह से पूछताछ में सामने आया कि ठगी में अजय भी शामिल है। आरोपी ने फर्जी दस्तावेज बनाकर एलडीए की वेबसाइट पर जमीन का विवरण अपलोड किया था। इस पर आरोपी को निलंबित कर दिया गया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि अजय को जेल भेजा गया है।