लखनऊ। आरोपी अधिवक्ता गिरिजा शंकर पाल ने एसयूवी से अपनी लिवइन पार्टनर प्रॉपर्टी डीलर गीता शर्मा को पहले सामने से और फिर गाड़ी बैक कर कुचला थ। हत्या के बाद आरोपी रायबरेली के एक होटल जाकर छुप गया था। पीजीआई पुलिस ने आरोपी को रविवार को जेल भेज दिया।
एडीसीपी पूर्वी पंकज सिंह ने बताया कि रायबरेली निवासी आरोपी गिरिजा शंकर और गीता काफी साल से लिवइन में रहकर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गीता आए दिन रुपये की मांग करती थी। शादी का दबाव डालती थी और बेइज्जत करती थी। रोज-रोज के झगड़ों से परेशान होकर उसने हत्या की साजिश रची थी। इसके तहत 17 जनवरी की रात घूमने के बहाने से गीता को एसयूवी से ले गया।
घूमने के बाद गीता को एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के पास उतार दिया। गीता पैदल ही नीलगिरि अपार्टमेंट जा रही थीं। तभी आरोपी ने सामने से एसयूवी लाकर उनको कुचल दिया। गीता के गिरते ही आरोपी ने गाड़ी बैक की और गीता को रौंदते हुए भाग गया। 18 जनवरी की सुबह उसने गीता के भाई लालचंद्र को उनके सड़क हादसे में मारे जाने की खबर दी।
घटना के समय आरोपी की लोकेशन मौके पर मिली
एडीसीपी पूर्वी ने बताया कि लालचंद्र ने गिरिजा को नामजद किया था। पहले तो आरोपी गुमराह करने लगा। सर्विलांस से उसकी लोकेशन घटनास्थल पर मिली। इस पर वह टूट गया और जुर्म कबूल लिया। आरोपी गिरिजा के खिलाफ कृष्णानगर, पीजीआई, सरोजनीनगर और रायबरेली में पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी ने वर्ष 2015 में कृष्णानगर में एक हत्या की वारदात को भी अंजाम दिया था।