बसंतकुंज योजना में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी, समाज सुधारक स्व. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व स्व. दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति में बनने के लिए प्रस्तावित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण अब एलडीए ही कराएगा।
लेकिन इसके लिए तय बजट पीडब्ल्यूडी वाला ही होगा। विभागों की इस अदला-बदली में ही करीब 30 करोड़ रुपये का बजट बढ़ गया है। तीनों महापुरुषों की मूर्तियां लगाने का काम अब भी संस्कृ ति विभाग की ही जिम्मेदारी रहेगी।
2019 में प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने के समय शासन ने एलडीए को कार्यदायी संस्था के रूप में चुना था। इसके बाद 2020 में आर्किटेक्ट सलाहकार का चयन होने के बाद डीपीआर भी एलडीए ने तैयार करा ली।
करीब 65 एकड़ क्षेत्रफल में इस प्रोजेक्ट पर डीपीआर के मुताबिक 88 करोड़ रुपये का खर्च आना था। मूर्तियों के लिए संस्कृति विभाग को ही करीब 25 करोड़ रुपये अलग से खर्च करने थे।
इसी बीच 2021 की शुरूआत में शासन के निर्देश पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल बनाने का काम पीडब्ल्यूडी को दे दिया गया। एलडीए के तय आर्किटेक्ट को भी पीडब्ल्यूडी ने नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया कर बदल दिया।
वहीं, नए आर्किटेक्ट सलाहकार की बनाई डीपीआर के मुताबिक, यह खर्च बढ़कर 118 करोड़ रुपये हो गया। मूर्तियों का खर्च इससे अलग ही रहा।
अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन ने वापस एलडीए को राष्ट्र प्रेरणा स्थल का काम दिया है। सचिव आवास अजय चौहान के पीडब्ल्यूडी को भेजे गए पत्र में अब तक हुई तैयारी जैसे ड्रॉइंग आदि एलडीए को देने के लिए भी कहा है।
ऐसे में एलडीए अधिकारियों का मानना है कि पीडब्ल्यूडी के डिजाइन और लागत पर ही काम होगा। एलडीए अब अपने डिजाइन और लागत पर काम नहीं कराएगा। निर्माण एजेंसी तय करने के लिए एलडीए नए सिरे से टेंडर करेगा।
आर्किटेक्ट सलाहकार भी बदलने का प्रयास शुरू
पीडब्ल्यूडी ने अपनी चयन प्रक्रिया में दिल्ली की आधारशिला कंपनी को आर्किटेक्ट सलाहकार चुना था। वहीं एलडीए ने स्काईलाइन को आर्किटेक्ट सलाहकार बनाया था। स्काईलाइन ने पीडब्ल्यूडी की भी बिड प्रक्रिया में शामिल होकर अपना प्रजेंटेशन दिया था। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि एलडीए को काम मिलने के बाद स्काईलाइन ने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उनकी तरफ से शासन में मांग की गई है कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल के विकास कराने का काम उनको ही वापस मिलना चाहिए।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल के विकास कार्य नई लागत पर ही कराए जाएंगे। एलडीए की तय लागत पर अब यह काम नहीं होने हैं। ऐसा दूसरे डिजाइन के अनुमोदन हो जाने की वजह से है। एलडीए निर्माण एजेंसी के चयन के लिए जल्दी ही अपनी कार्रवाई शुरू करेगा।
- प्रताप शंकर मिश्रा, अधिशासी अभियंता, एलडीए