एलडीए उन संपत्तियों के आवंटन निरस्त कर सकता है, जिनके लिए 25 प्रतिशत से भी कम धनराशि जमा की गई है। वहीं, योजना या अपार्टमेंट में कब्जा दिए हुए पांच साल से अधिक का समय हो गया है और अब तक रजिस्ट्री नहीं कराई गई है।
ऐसे में सैकड़ों भूखंड और फ्लैटों के आवंटन निरस्त हो सकते हैं। इनकी सूची फाइनल कर एलडीए वेबसाइट पर भी अपलोड करेगा। वीसी प्रभु एन सिंह की सख्ती के बाद अब सभी योजनाओं के बाबू गैर पंजीकृत फ्लैटों, भूखंडों और मकानों की सूची तैयार करने में जुटे हैं।
इन्हें अपने डिस्पोजल रजिस्टर की अपडेट भी देने के लिए कहा गया है। एलडीए के एक अधिकारी का कहना है कि कई महीनों से वीसी लगातार ऐसी संपत्तियों की जानकारी संकलित कर मांग रहे थे। इसके लिए लेवल-2 के अधिकारियों को उन्हें निर्देश भी दिए।
इसके बाद भी इसमें गंभीरता नहीं दिखाई गई। ऐसे में पिछले सप्ताह हुई बैठक में वीसी ने सभी को इसके लिए फटकार भी लगाई। इसके बाद ऐसी संपत्तियों को जुटाना शुरू कर दिया गया है।
अपडेट नहीं आवंटन की जानकारी
एलडीए की अलग-अलग योजनाओं में भूखंडों या मकानों के आवंटन और उनके स्वामित्व व जमा धनराशि को अपडेट ही नहीं किया गया। ऐसे में आए दिन फाइलें खो जाने की शिकायतें अधिकारियों के पास पहुंचती हैं। इसके बाद जो भी उपलब्ध दस्तावेज होते हैं, उनके आधार पर आवंटन को बहाल कर रजिस्ट्री की जाती है। इसी में फर्जीवाड़ा होता है। डिस्पोजल रजिस्टर अपडेट न होने से किसी भी संपत्ति के बारे में सूचना ही नहीं मिल पाती है। अब इसके अपडेट होने के बाद पता चल सकेगा कि कितने भूखंड बिना बिके या न्यूनतम पैसा जमा कर पड़े हुए हैं।
पेज गायब है तो भी बताना होगा
वीसी ने साफ आदेश किया है कि अगर डिस्पोजल रजिस्टर में कोई पेज गायब किया गया है तो इसकी भी सूचना दी जाए। वहीं, इन सभी डिस्पोजल रजिस्टर का एक मास्टर डिस्पोजल रजिस्टर भी तैयार करना होगा। इसमें डिस्पोजल रजिस्टर में अंकित संपत्तियों, पेज की संख्या जैसी सूचनाएं शामिल कर दी जाएंगी। मास्टर डिस्पोजल रजिस्टर को कंप्यूटराइज किया जाएगा। इस पूरे काम को अभियान की तरह लेकर पूरा करने के लिए वीसी ने आदेश दिया है।
अब तक 900 से अधिक फ्लैट मिले
एलडीए में फ्लैटों की सूचनाएं संकलित हो गई हैं। अब ऐसे फ्लैटों की संख्या जोड़ी जा रही है, जिनका आवंटन निरस्त किया जाना है। अब तक ऐसे करीब 900 फ्लैट एलडीए को मिल चुके हैं। ओएसडी राजेश शुक्ला का कहना है कि वीसी को जल्द रिपोर्ट दी जाएगी। उनके अनुमोदन के बाद सभी आवंटियों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया जाएगा।