फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोई भूखा न रहे...इस मुहिम में लगी एलडीए की टीम, चार दिन में हजारों लोगों को खिलाया खाना

Wed, 01 Apr 2020 05:08 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

कोरोना के खतरे के बीच एलडीए के कर्मचारी और अधिकारी लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटे हैं। समय पर खाना बन जाए इसके लिए सुबह छह बजे ही कर्मचारी कम्युनिटी किचन पहुंच जाते हैं। वहीं दान के राशन के लिए फोन आते ही उसके पते पर पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि चार दिन के अंदर एलडीए 59 हजार 420 लोगों को खाना और राशन पहुंचा चुका है। एलडीए ने 28 मार्च से कम्युनिटी किचन की शुरुआत की। पहले दिन भले ही केवल एक जगह गोमतीनगर विस्तार में किचन की शुरुआत हो पाई हो।

विज्ञापन


वहीं अगले ही दिन सभी पांच कम्युनिटी किचन शुरू हो गए। इसके बाद रिकॉर्ड 20 हजार से अधिक तक लोगों को खाना एक दिन में एलडीए की टीम ने खिलाया। खुद वीसी शिवाकांत द्विवेदी और सचिव मंगला प्रसाद सिंह इसके लिए जुटे। उन्होंने खुद खाना बनाने और बंटाने की निगरानी की। करीब 650 लोगों की टीम एलडीए ने इस काम में लगाई है।

खाने के साथ सैनिटाइजेशन भी  
मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह का कहना है कि केवल खाना ही काफी नहीं है। एलडीए इसके लिए अपनी कॉलोनियों को सेफ भी बना रहा है। यह काम केवल एक रात के समय में जरूरी सामान जुटाकर शुरू हमने कराया। अब भी लगातार कर्मचारी हमारे इंजीनियर की देखरेख में सैनिटाइजेशन का काम देख रहे हैं। 

विज्ञापन

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पूरी की व्यवस्था

- फोटो : amar ujala
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान को प्रशासन ने बाहर से आने वाले लोगों के रुकने के लिए तैयार किया है। ऐसे में यहां सफाई से लेकर पानी, सैनिटाइजेशन जैसे काम तुरंत करवाने थे। केयरटेकर सुदामा वर्मा खुद की चिंता न करते हुए सोमवार सुबह से ही प्रतिष्ठान में जाकर डट गए। देर शाम तक लोगों को लेकर गाड़ियां आती जाती रहीं। इस बीच उनको खाना बंटवाने तक की व्यवस्था कराई। मंगलवार सुबह फिर से पूरा प्रतिष्ठान साफ होकर लोगों के रुकने के लिए तैयार था।

कम्युनिटी किचन ही बन गया घर  
एलडीए के सहायक अभियंता विनोद कुमार गुप्ता के लिए चार दिन से कम्युनिटी किचन ही घर बन गया है। सुबह खाना बनवाओ। दोपहर में बंटाने का काम शुरू हो जाता है। शाम को फिर राशन जुटाने की कवायद शुरू होती है, जो देर रात तक चलती है। उनका कहना है कि सबसे मुश्किल काम घरवालों को मनाना था। किसी तरह उनको बताया कि उन लोगों को खाना मिलना जरूरी है जोकि पहले से ही परेशान हैं। अब परिवार को भी लगता है कि अच्छा काम कर रहे हैं।

पूरी टीम के साथ खुद रहती हैं मौजूद
एलडीए की संयुक्त सचिव ऋतु सुहास खुद टीम के साथ जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनका कहना है कि मेरा स्टाफ लोगों को खाना पहुंचाने के लिए दिन रात जुटा हुआ है। उनको प्रोत्साहित करने के लिए मैं खुद सुबह से मौजूद रहती हूं। सबसे ज्यादा जरूरी अपने स्टाफ के साथ खुद को भी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाना होता है। शुरू में तो राशन भी कैसे मिलेगा, इसकी चिंता थी। अब मदद और राशन दोनों मिल रहे। लोगों के घर या प्रतिष्ठान से मैं ये मेरी टीम जाकर राशन उठाते हैं।
विज्ञापन

इनकी निगरानी में हो रहा काम

ई-रिक्शा से लोगों को पैकेट का भोजन वितरण किया गया। - फोटो : amar ujala
शिवाकांत द्विवेदी वीसी, मंगला प्रसाद सिंह सचिव, चक्रेश जैन अधीक्षण अभियंता, कमलजीत सिंह अधिशासी अभियंता,  प्रताप शंकर मिश्र अधिशासी अभियंता। 
28 मार्च--5000  
29 मार्च --18320  
30 मार्च --20320 
31 मार्च --15780 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें