इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान को प्रशासन ने बाहर से आने वाले लोगों के रुकने के लिए तैयार किया है। ऐसे में यहां सफाई से लेकर पानी, सैनिटाइजेशन जैसे काम तुरंत करवाने थे। केयरटेकर सुदामा वर्मा खुद की चिंता न करते हुए सोमवार सुबह से ही प्रतिष्ठान में जाकर डट गए। देर शाम तक लोगों को लेकर गाड़ियां आती जाती रहीं। इस बीच उनको खाना बंटवाने तक की व्यवस्था कराई। मंगलवार सुबह फिर से पूरा प्रतिष्ठान साफ होकर लोगों के रुकने के लिए तैयार था।
कम्युनिटी किचन ही बन गया घर
एलडीए के सहायक अभियंता विनोद कुमार गुप्ता के लिए चार दिन से कम्युनिटी किचन ही घर बन गया है। सुबह खाना बनवाओ। दोपहर में बंटाने का काम शुरू हो जाता है। शाम को फिर राशन जुटाने की कवायद शुरू होती है, जो देर रात तक चलती है। उनका कहना है कि सबसे मुश्किल काम घरवालों को मनाना था। किसी तरह उनको बताया कि उन लोगों को खाना मिलना जरूरी है जोकि पहले से ही परेशान हैं। अब परिवार को भी लगता है कि अच्छा काम कर रहे हैं।
पूरी टीम के साथ खुद रहती हैं मौजूद
एलडीए की संयुक्त सचिव ऋतु सुहास खुद टीम के साथ जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनका कहना है कि मेरा स्टाफ लोगों को खाना पहुंचाने के लिए दिन रात जुटा हुआ है। उनको प्रोत्साहित करने के लिए मैं खुद सुबह से मौजूद रहती हूं। सबसे ज्यादा जरूरी अपने स्टाफ के साथ खुद को भी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाना होता है। शुरू में तो राशन भी कैसे मिलेगा, इसकी चिंता थी। अब मदद और राशन दोनों मिल रहे। लोगों के घर या प्रतिष्ठान से मैं ये मेरी टीम जाकर राशन उठाते हैं।
ई-रिक्शा से लोगों को पैकेट का भोजन वितरण किया गया।
- फोटो : amar ujala
शिवाकांत द्विवेदी वीसी, मंगला प्रसाद सिंह सचिव, चक्रेश जैन अधीक्षण अभियंता, कमलजीत सिंह अधिशासी अभियंता, प्रताप शंकर मिश्र अधिशासी अभियंता।
28 मार्च--5000
29 मार्च --18320
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31 मार्च --15780