बस अड्डे के साथ बजट होटल का सिविल वर्क 2015 में एलडीए पूरा कर चुका है। बस अड्डे का निर्माण हो चुका है। वहीं, होटल में केवल फिनिशिंग का काम बाकी है। एलडीए इस होटल को ‘जैसा है, वैसा है’ के आधार पर बेच रहा है। ऐसे में खरीदार को ही बाकी काम कराने होंगे।
2917 वर्गमीटर में बना है होटल
एलडीए का बनाया बजट होटल 2917 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बना हुआ है। बहुमंजिला बजट होटल के ढांचे और भूमिगत पार्किंग का काम पूरा हो चुका है। पूरा प्रोजेक्ट 12,439 वर्गमीटर में है। इसमें से अधिकतर जमीन अब यूपीएसआरटीसी को बस अड्डे के लिए चली गई है।
राजधानी के एक होटल व्यवसायी का कहना है कि बजट होटल की आरक्षित दर पर भी सभी शुल्क सहित एलडीए को ही करीब 75 करोड़ रुपये देने होंगे। वहीं, कम से कम 25 करोड़ रुपये इसकी फिनिशिंग पर खर्च करने होंगे।
करीब 100 करोड़ रुपये का बजट खर्च करने के बाद भी यहां शादियां व अन्य कार्यक्रम कराना आसान नहीं होगा। ऐसा बस अड्डा की मौजूदगी की वजह से है।
होटल में आने वाले मेहमानों को अंदर अपनी गाड़ियों से पहुंचना तक मुश्किल होगा। वहीं, 100 करोड़ रुपये के निवेश के बाद इससे बेहतर लोकेशन पर होटल बन जाएगा। यहां निवेश का रिटर्न भी मिलने पर आशंका है।
एलडीए ने यूपीएसआरटीसी को 90 साल की लीज पर बस अड्डा दिया है। इसके लिए 20 करोड़ रुपये एलडीए को यूपीएसआरटीसी को निर्माण लागत और प्रीमियम के रूप में देने हैं। यह पैसा यूपीएसआरटीसी चार किस्तों में देगा। वर्ष 2022 तक पैसे का भुगतान एलडीए को किया जाएगा।
सही ग्राहक की तलाश
लोकेशन को देखते हुए बजट होटल घाटे का सौदा नहीं है। हम सही ग्राहक की तलाश में हैं। यहां होटल अच्छे से चलेगा। इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए। हमें उम्मीद है कि जल्दी ही इसका उपयोग हो सकेगा। बस अड्डा का जल्दी ही उपयोग शुरू हो जाएगा। - राजीव कुमार सिंह, वित्त नियंत्रक, एलडीए