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2031 में इन सभी सुविधाओं से लैस होगा लखनऊ, प्लान तैयार

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एलडीए ने अगले 16 वर्ष में राजधानी की संभावित 80 लाख आबादी का ख्याल रखते हुए मास्टर प्लान 2031 तैयार कर लिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के विस्तारित क्षेत्र में शामिल 197 गांवों के लिए किए जा रहे इस मास्टर प्लान की सबसे बड़ी खासियत आउटर रिंग रोड का सीमांकन और पूरे क्षेत्र में लैंडयूज व जनसुविधाएं तय किया जाना है।
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इसमें वर्ष 2031 में राजधानी में आबादी को ध्यान में रखकर उसी हिसाब से नए क्षेत्र में शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, बिजली , टेलीफोन एक्सचेंज और अन्य इंतजाम किए जाएंगे। इसके तहत लगभग 1400 जनसुविधाओं के लिए लैंडयूज तय किए जाएंगे।

मास्टर प्लान-2031 अगले महीने एलडीए बोर्ड की मीटिंग में रखा जाएगा। एलडीए और ग्राम्य एवं नगर नियोजन विभाग ने इस मास्टर प्लान को तैयार किया है। 197 गांवों के लिए पहले भी एक मास्टर प्लान बनाया गया था। उसे 2021 का पुनरीक्षित मास्टर प्लान कहा गया था, लेकिन तब सिर्फ दो हाईटेक टाउनशिप के लिए लैंडयूज तय किया गया।
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ये मास्टर प्लान 2010 में बना था। हालांकि उसका कोई खास फायदा नहीं हुआ था। 197 गांवों में कोई एलडीए से नक्शा पास नहीं करवा रहा था। इसके बाद में आउटर रिंग रोड का स्वरूप भी बदल गया था। इससे अब इसको 10 साल का और समय लेकर तैयार किया गया है।
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ये जनसुविधाएं होंगी नए मास्टर प्लान में

5000 करोड़ रुपये खर्च होंगे आउटर रिंग रोड पर
मास्टर प्लान-2031 के साथ अगले महीने तक आउटर रिंग रोड को एलडीए बोर्ड में प्रस्तावित किए जाने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित आउटर रिंग रोड रूट के कानपुर रोड, बाराबंकी फैजाबाद रोड, काकोरी हरदोई रोड और सुल्तानपुर रोड पर विशेष जोर दिया गया है। बीकेटी से कुर्सी रोड, बेहटा होते हुए कानपुर रोड स्थित बनी और यहां से मोहान और काकोरी होते हुए बीकेटी तक पहुंचने के लिए आउटर रिंग रोड बनाने की तैयारी है।

लखनऊ महायोजना 2031 के तहत एलडीए के विकास क्षेत्र का हिस्सा बनाए गए नौ ब्लॉकों को कवर करते हुए बनने वाली इस आउटर रिंग रोड के निर्माण में करीब 5000 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई), एलडीए और पीडब्लूडी मिलकर काम करेंगे। प्रोजेक्ट का खर्च प्रदेश सरकार और केंद्र मिलकर उठाएंगे।

सड़कों के लिए योजना
197 गांवों के पुनरीक्षित मास्टर प्लान को लेकर भारी मजम्मत झेल रहे एलडीए ने एक और मास्टर प्लान बनाने का फैसला करीब छह महीने पहले ही कर दिया था। मास्टर प्लान-2031 में कई नई चीजें जोड़ी जाएंगी।

इसमें सड़कों की चौड़ाई को लेकर शहर में वाहनों की संख्या का नए सिरे से आकलन किया जा रहा है। इसको लेकर एक सर्वे भी शुरू किया गया है। वाहनों की संख्या को आधार मान कर भविष्य में सड़क का प्लान किया जाएगा।
गांवों में होंगे विकास कार्य
महायोजना 2031 पास होने के बाद हरदोई रोड, सीतापुर रोड, कुर्सी रोड, सुल्तानपुर रोड, रायबरेली रोड और नगराम के उन 197 गांवों में एलडीए अपनी आवासीय, एजुकेशनल और कॉमर्शियल योजनाएं ला सकेगा। लैंड बैंक से जूझ रहे लखनऊ विकास प्राधिकरण के लिए यह काफी मददगार होगा।
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