अप्रैल से एलडीए में नक्शा पास कराना महंगा हो जाएगा। प्रधिकरण इसके लिए तय शुल्क में 15 फीसदी तक बढ़ोतरी करने जा रहा है। नक्शा पास कराने से संबंधित हर तरह का चार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
वाह्य तथा आंतरिक विकास शुल्क, सुदृढ़ीकरण और अंबार (मलबा) शुल्क भी बढ़ाया जाएगा। यही नहीं एलडीए के क्षेत्र में भवन निर्माण के दौरान लिए जाने वाले पानी के कनेक्शन का शुल्क भी बढ़ाने का निर्णय हुआ है।
एलडीए ने पिछले वर्ष अगस्त में मानचित्र और ले आउट पास करने के शुल्क में दोगुना तक वृद्धि की थी। इससे पहले वर्ष-2000 में इसमें बढ़ोत्तरी की गई थी।
दरअसल पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्राधिकरणों और विकास परिषदों द्वारा मानचित्र पास कराते समय लिए जाने वाले विकास शुल्क को अवैध ठहराया था। अदालत ने कहा था कि एक्ट में इस तरह का प्रावधान तो है मगर सरकार ने बिना कोई पॉलिसी बनाए ही इसको लागू कर दिया है।
शासन ने मानचित्र शुल्क में की बढ़ोत्तरी
इसके बाद सभी तरह के शुल्क वसूलने पर रोक लगा दी गई थी। इस फैसले के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी। जहां से इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे मिल गया था। इसके बाद शासन ने एक नीति बना कर मानचित्र शुल्क में बढ़ोतरी की।
भवनों के निर्माण के लिए इस्तेमाल होने वाले पानी का कनेक्शन भी प्राधिकरण देता है। इसके लिए तय शुल्क एलडीए वसूलता है।
टाइप वर्तमानप्रस्तावित
ईडब्ल्यूएस
110
130
एलआईजी-1
170
190
एलआईजी-2
275
300
एमआईजी-1
338
370
एमआईजी-2
440
490
एमआईजी-3
555
600
एचआईजी-1
660
735
एचआईजी-2
840
930
नोट : सभी दरें प्रति मीटर के हिसाब से।
प्लॉट(वर्ग मी.)वर्तमान शुल्कप्रस्तावित
300
447
490
301-500
बिल्डरों और डवलपरों के सिर पर भी डाला जाएगा बोझ
807
890
501-1000
840
930
1001-2000
1380
1510
3000 से अधिक
2700
3000
बिल्डरों और डवलपरों के सिर पर भी बोझ डाला जाएगा। उन्हें लेआउट पास कराने के लिए पहले से कहीं ज्यादा वाह्य और आंतरिक विकास शुल्क देना पड़ेगा। अब वाह्य विकास शुल्क 1470 रुपये की जगह 1600 रुपये प्रति वर्ग मीटर और आंतरिक विकास शुल्क 1180 रुपये से बढ़ाकर 1300 रुपये होगा।
विकास शुल्क ले आउट प्लान (तलपट मानचित्र) पास कराने वाले निजी डवलपर से लिया जाएगा। यह शुल्क एलडीए के पास जमा रहेगा और जब कॉलोनी को प्राधिकरण से कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिल जाएगा, तो यह राशि वापस कर दी जाएगी।