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अवैध कब्जेदारों को हटाना एलडीए के लिए चुनौती

Wed, 06 Aug 2014 09:49 AM IST
ऋषि मिश्रा/अमर उजाला, लखनऊ
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कम आय वर्ग के लिए पहली बार लिफ्ट और 12 मंजिला अपार्टमेंट की सुविधा वाले फ्लैटों की योजना अवैध कब्जेदारों के चलते अधर में है।
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देवपुर पारा में आश्रयहीन कॉलोनी में 1600 से अधिक आवंटी तो अवैध रूप से रह रहे हैं। इन्हें हटा कर पुराने भवनों को ढहाना एलडीए के लिए चुनौती है।

निर्माण के लिए ठेका किया जा चुका है। कंपनी ने साइट ऑफिस भी देवपुर पारा में बना लिया लेकिन काम नहीं शुरू हो पा रहा है।

देवपुर पारा में एलडीए ने चार हजार फ्लैटों की स्कीम बनाने के लिए कंपनियां तय कर ली गई है।
एमआईजी और एलआईजी फ्लैट बनाने का काम एलएंडटी लिमिटेड और ईडब्लयूएस फ्लैट बनाने का काम सिंटेक्स को दिया गया है।

एलएंडटी ने इससे पहले राजधानी में रिवर व्यू इंक्लेव और वनस्थली योजना का काम किया है। सरगम अपार्टमेंट कंपनी बना रही है।

जबकि, सिन्टेक्स ने सुलभ स्कीम के फ्लैटों का निर्माण किया है। जो टेंडर पारा के लिए एलडीए ने किया है, उसमें यहां पूर्व में बने हुए 1700 आश्रयहीन भवनों को ढहाया जाना भी शामिल होगा।

करीब 800 करोड़ रुपये की इस परियोजना का निर्माण बहुत जल्द ही शुरू किए जाने का दावा प्राधिकरण लंबे समय से कर रहा है।

निर्माण शुरू हो तो पंजीकरण खोला जाए, लेकिन अवैध कब्जेदारों को हटाना चुनौती बन गया है।

7 लाख तक में मिलेगा अपना आशियाना
इस योजना में 2100 ईडब्ल्यूएस बनाए जाने हैं, इनकी कीमत 2.75 लाख रुपये और क्षेत्रफल करीब 25 वर्ग मीटर होगा। 400 एलआईजी फ्लैट बनेंगे। इनकी कीमत 5.08 लाख रुपये और क्षेत्रफल करीब 32 वर्ग मीटर होगा। जबकि, 1500 अफोर्डेबल फ्लैट बनाए जाएंगे। इनका क्षेत्रफल लगभग 40 वर्ग मीटर और कीमत लगभग सात लाख रुपये तय की गई।
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पहले वैध आवंटियों को मिलेगा घर
योजना में रहने वाले आवंटियों की संख्या 1668 है, इसमें से सिर्फ 45 ही वैध हैं। पुराने भवनों को ढहाने से पहले पुनर्वास के लिए नया ब्लॉक बना कर वैध आवंटियों को पहले उनमें शिफ्ट किया जाएगा।
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पहली बार गरीबों के लिए लिफ्ट की सुविधा
पहली बार कम आय वर्ग के लोगों के लिए बनने वाली बिल्डिंग12 मंजिल की होगी, जिसमें लिफ्ट की सुविधा भी मिलेगी। इससे पहले ईडब्ल्यूएस और एलआईजी में जी प्लस थ्री के आधार पर अपार्टमेंट का निर्माण किया जाता रहा है।
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