lDA hardened rule for opening duplicate file
लखनऊ। कागज या पूरी फाइल गुम दिखाकर अब एलडीए में डुप्लीकेट फाइल नहीं खुल सकेंगी। वीसी अभिषेक प्रकाश ने इस पर तत्काल रोक लगा दी है। उनका कहना है कि कोई भी डुप्लीकेट फाइल तभी खोली जाएगी, जब कोई विधिक स्थिति बनने पर इसे खोलना जरूरी हो। ओटीएस में भी आए ऐसे आवेदन जिनकी फाइल नहीं मिल रही हो उनकी जरूरी जांच के बाद ही निस्तारण करने का आदेश वीसी ने दिया है।
वीसी ने कहा कि फाइल या रिकॉर्ड नहीं मिलने पर इसे गुम दिखा दिया जाता है। ऐसे में आवंटी के पास मौजूद रिकॉर्ड के आधार पर ही डुप्लीकेट फाइल खोलकर उससे संपत्ति का निस्तारण किया जाता है। कई प्रकरण में गलत तरीका अपनाकर संपत्तियों का समायोजन तक कराया गया। यह प्रक्रिया तुरंत बंद की जा रही है। ओटीएस के जो आवेदन आए हैं, उन्हें भी एक जनवरी 2010 से पहले और बाद के आवंटन में बांटकर निस्तारित किया जाएगा। ऐसी फाइलों पर खास तौर पर नजर रखी जाएगी, जोकि लालबाग से गोमतीनगर कार्यालय शिफ्ट होने के समय गुम होनी बताई जा रही हैं।
ऑनलाइन हो सकते है बाद के आवेदन
वीसी ने बताया कि करीब 40 आवेदन ऐसे हैं, जो ओटीएस की अंतिम तारीख में आए। ऑफलाइन आए इन आवेदन को किसी वजह से ऑनलाइन नहीं किया जा सका। ऐसे में आवास बंधु से सलाह ली जा रही है कि आखिर प्रकरण का निस्तारण कैसे हो? उम्मीद है कि इन्हें भी ऑनलाइन करने की अनुमति मिल जाएगी।